|
पहले दिन का स्नान शांतिपूर्ण संपन्न | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बुधवार को इलाहाबाद में संगम पर स्नान के साथ अर्धकुंभ मेला शुरू हो गया है. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को लगभग 20 लाख लोगों ने स्नान किया है. अर्धकुंभ में आने वाले तीर्थयात्रियों का ताँता मंगलवार आधी रात से ही शुरू हो गया था और बुधवार की शाम तक लोग आते रहे. कुंभ मेले में वाहनों को आने की अनुमति नहीं दी गई थी इसलिए तीर्थयात्रियों को कई मील पैदल चलकर संगम तट तक पहुँचना पड़ा. हिंदू तीर्थयात्रियों का मानना है कि कुंभ में संगम पर स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. गंगा नदी में पानी की कमी और पानी की गंदगी को लेकर तीर्थयात्री लगातार शिकायतें कर रहे हैं. हालाँकि प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त और साफ़ पानी उपलब्ध कराने के लिए अनेक क़दम उठाए गए हैं. प्रशासन ने बाँधों से काफ़ी मात्रा में पानी छोड़ा है और कारखानों को अपना कचरा नदी में न छोड़ने के कड़े निर्देश दिए गए हैं. मेले के मुख्य प्रशासक प्रज्ञान राम मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि पहले दिन का स्नान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है भीड़ को नियंत्रण में रखना और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकना. सुरक्षा इंतज़ाम के तहत दस हज़ार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. तीस घाटों पर होने वाले स्नान का प्रबंधन करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. अर्धकुंभ का मेला लगभग डेढ़ महीने तक चलेगा, बुधवार से शुरू हुआ यह मेला 16 फ़रवरी को शिवरात्रि के दिन समाप्त होगा. जनवरी महीने की 14, 15, 19 और 23 जनवरी को बड़े स्नान होंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें सदानीरा गंगा मेले से पहले मैली02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस कुंभ मेले के लिए पानी छोड़ा गया15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस कुंभ मेले में भगदड़ कई मरे | भारत और पड़ोस कुंभ का पहला शाही स्नान | भारत और पड़ोस नासिक में कुंभ मेला शुरू | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||