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कविता हत्याकांड: मंत्री का इस्तीफ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की एक शिक्षक कविता रानी की हत्या के मामले में मंगलवार को एक अहम मोड़ आया जब राज्य के मंत्री बाबू लाल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. दो महीने से लापता कविता रानी का मामला काफ़ी पेचीदा होता जा रहा है. पुलिस का मानना है कि उनकी हत्या कर दी गई है, चाहे उनका शव बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति रविंदर प्रधान को गिरफ़्तार किया है जिसने आरोप लगाया था कि मंत्री बाबू लाल के कविता रानी के साथ संबंध थे. बाबू लाल ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने नैतिक कारणों से अपने पद से इस्तीफ़ा दिया है. उनका कहना था कि वे कविता रानी को जानते थे लेकिन उनकी हत्या से उनका कोई संबंध नहीं है. उनका कहना था कि उन्होंने इस्तीफ़ा इसलिए दिया क्योंकि आरोप लग रहे थे कि वे जाँच में दख़ल दे रहे हैं. अभियुक्त रविंदर कुमार ने आरोप लगाए हैं कि कई राजनीतिक नेताओं के कविता रानी के साथ संबंध थे. उधर कविता रानी के परिजनों ने प्रदर्शन किए हैं और माँग की है इस मामले में जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए. पुलिस के आरोप उत्तर प्रदेश में मेरठ के पुलिस प्रमुख नवनीत सिखेरा ने मंगलवार को बीबीसी से बातचीत में माना था कि डेढ़-दो महीने पहले मामले की जानकारी दिए जाने के बाद भी जिस पुलिस इंस्पेक्टर को कार्रवाई करनी चाहिए थी उसने कार्रवाई नहीं की. उनका कहना था कि ये मामला एक महत्वाकांक्षी महिला, उसके कुछ प्रमुख लोगों से रिश्ते, एक आपराधिक गिरोह के अश्लील वीडियो बनाने और लोगों को ब्लैकमेल करने से जुड़ा है. उनका दावा था कि कविता रानी के संबंध कुछ ऐसे लोगों से थे जो आपराधिक मानसिकता के थे और एक गिरोह बनाकर नामी लोगों से रिश्ता कायम कर, उनके अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश करते थे. उनके मुताबिक ये पूरा काम एक ख़ुफ़िया कैमरे के ज़रिए किया जाता था. नवनीत सिखेरा का दावा था कि कविता का साथ इस काम में दो व्यक्ति देते थे - रविंदर प्रधान और योगेश. पुलिस का कहना है कि ब्लैकमेल के ज़रिए पाए गए धन को बाँटने पर कविता अपने अन्य दो सहयोगियों से नाराज़ थी और उन्होंने उन पर दबाव डाला कि यदि उन्हें और पैसा नहीं दिया गया तो वे 'राज़ उगल देंगी.' पुलिस का आरोप है कि इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से रविंदर और योगेश, कविता को एक दिन साथ ले गए, उनका गला दबाकर उनकी हत्या की और लाश को बुलंदशहर के पास मध्य गंगा नहर में पत्थर बाँधकर फेंक दिया. पुलिस के मुताबिक कविता ने अपने कमरे में कुछ नोट्स बनाकर रखे थे जिसमें अभियुक्तों का ज़िक्र था. उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरमणि-मधुमणि ने समर्पण किया26 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अमरमणि त्रिपाठी को ज़मानत मिली29 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस मधुमणि त्रिपाठी ने समर्पण किया25 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस मधुमिता का कथित हत्यारा गिरफ़्तार10 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस जाँच अब सीबीआई के हवाले | भारत और पड़ोस मधुमिता मामले में नया मोड़ | भारत और पड़ोस मायावती ने मंत्री को हटाया | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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