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बारूदी सुरंग फटने से चार लोग मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस का कहना है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में बारूदी सुरंग फटने से चार लोग मारे गए हैं. घटना में चार लोग घायल भी हुए हैं. पुलिस के मुताबिक ये विस्फ़ोट पोलमपल्ली गाँव में हुआ. घायल हुए चार लोगों में से एक मिज़ो बटालियन का जवान है. मिज़ोरम से इस बटालियन को विशेष तौर पर माओवादी विद्रोहियों से निपटने के लिए बुलाया गया है. बटालियन के जवान माओवादियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान में स्थानीय पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की मदद कर रहे हैं. माओवादी पुलिस को संदेह है कि बारूदी सुंरग बिछाने के पीछे माओवादियों का ही हाथ है. छत्तीसगढ़ के दक्षिणी ज़िले माओवादियों के मजबूत गढ़ माने जाते हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरके विज ने बीबीसी को बताया कि पुलिस का एक दल नागरिक-पुलिस अधिकारियों को लेकर ट्रैक्टर से पास में ही स्थित कैंप की ओर बढ़ रहा था. पोलमपल्ली गाँव के पास पहुँचते ही ट्रैक्टर बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया. ग़ौरतलब है कि राज्य सरकार ने चुनिंदा लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें नागरिक-पुलिस अधिकारी यानी एसपीओ का दर्जा दिया है. ये माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान में पुलिस की मदद करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अब निहत्थे होगी रेलवे की सुरक्षा14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सलवादियों का सुरक्षाबलों पर हमला 03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली इलाक़ों में जाने से कतराती पुलिस13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, 26 की मौत17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल से उत्साहित हैं भारत के नक्सलवादी07 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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