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'तालेबान लड़ाकों को खदेड़ने का दावा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़गानिस्तान में तैनात नैटो सेना का कहना है कि उसने स्थानीय सुरक्षाबलों की मदद से पंजवई प्रांत के एक इलाक़े से तालेबान लड़ाकों को खदेड़ दिया है. अफ़ग़ानिस्तान में तैनात उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो सेना के ब्रितानी कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल डेविड रिचर्ड्स ने कहा कि तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ़ 'ऑपरेशन मेदुसा' काफ़ी सफल रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि नैटो के सदस्य देशों की अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियाँ सर्दी का मौसम शुरु होने से पहले अफ़गानिस्तान पहुँच जाएँगी. नैटो का कहना है कि ऑपरेशन मेदुसा में 400 से अधिक तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. यह जुलाई के अंत में दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान का कमान संभालने के बाद नैटो सेना का सबसे बड़ा अभियान है. कंधार से 25 किलोमीटर पश्चिम में स्थित पंजवई में तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ़ चले इस अभियान में दो हज़ार जवानों की मदद ली गई. पुनर्निमाण जनरल रिजर्ड्स ने काबुल में पत्रकारों से कहा, "इससे साफ पता चलता है कि जब अफ़गान और यहाँ तैनात अंतरराष्ट्रीय सेना मिल कर अभियान शुरु करती है तो उनकी ताकत कितनी बढ़ जाती है." उन्होंने कहा कि विद्रोहियों को अब दोबारा इस इलाक़े में लौटने नहीं दिया जाएगा और पुनर्निमाण कार्य ज़ल्द ही शुरु किया जाएगा. जनरल रिचर्ड्स ने उम्मीद जताई कि ढ़ाई हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के बारे में नैटो के सर्वोच्च कमांडर इस हफ़्ते कोई घोषणा करेंगे. पोलैंड ने एक हज़ार जवान भेजने पर सहमति दे दी है लेकिन उनके फरवरी से पहले पहुँचने की संभावना कम है. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीकी सेना ने नया बड़ा अभियान छेड़ा16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो देशों की ठंडी प्रतिक्रिया13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अमरीकी चेतावनी13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस तालेबान से ज़्यादा बड़ा ख़तरा: मुशर्रफ़12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अतिरिक्त सैनिकों की माँग नज़रअंदाज़'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान गवर्नर के जनाज़े पर हमला11 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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