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ये संसद है या अखाड़ा? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले दिनों लोकसभा में जो कुछ भी हुआ उससे तो यही लगा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत अखाड़े में तब्दील हो गई है. मामला भी अपराध का ही उठा था. जदयू नेता प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि बलात्कार के एक मामले का अभियुक्त अपने को रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का संबंधी बता रहा है. फिर क्या था. लालू जी के ‘बाहुबली’ साले साधु यादव तपाक से प्रभुनाथ सिंह की ओर घूंसा ताने बढ़ गए. उनका हाथ पकड़ने के चक्कर में कई सासंदों को हल्की ‘तकलीफ़ें’ आईं. इस ज़ोर आजमाइश में बीच बचाव कर रहे भाजपा सांसद एमएके स्वेन की ओर जनता की आवाज़ बुलंद करने में इस्तेमाल होने वाला 'स्पीकर' फेंका गया. गनीमत रही कि 'स्पीकर' और तार के संबंध टूटे नहीं. स्वेन को लगा ‘साधु’ को रोकने से जान पर ख़तरा हो सकता है, सो उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अंगरक्षक साथ लाने की गुहार लगा दी. क्या इसे संयोग ही मानें कि प्रभुनाथ सिंह और साधु यादव दोनों के ख़िलाफ़ बिहार में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उस पर भी तुर्रा ये कि साधु यादव के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी है. सदन में तो वो दिखे भी और ‘चमके’ भी लेकिन 'बेचारी' बिहार पुलिस उनके आवास से खाली हाथ लौट गई. ******************************************** ‘दूध पिला कर दिया जवाब’ मुंबई के माहिम में समंदर का पानी अचानक मीठा हो गया. हज़ारों की भीड़ इकठ्ठी हो गई और पानी पीने-पिलाने का सिलसिला चल निकला. मीठे पानी का स्वाद लेने वालों का कहना था कि ऐसा सूफ़ी संत बाबा मख़दूम की कृपा से हो रहा था. इसके बाद तो अंधविश्वास और आस्था की गाड़ी ने विज्ञान को धता बता रफ़्तार पकड़ ली. अचानक 11 साल बाद हिंदू देवता गणेश जी ने दोबारा दूध पीना शुरु कर दिया.
बरेली से उड़ी अफवाह दिल्ली तक आ पहुँची. यहाँ भी कुछ मंदिरों में भगवान की मूर्तियों के सामने चम्मचों की 'धक्कामुक्की' शुरू हो गई. लेकिन पिछली बार की तरह इस बार वो गहमागहमी नहीं दिखी. भगवान के दोबारा दूध पीने की अफ़वाह पर मेरे एक सहयोगी ने कुछ यूँ प्रतिक्रिया दी, “लगता है कि मख़दूम बाबा के चमत्कार के जवाब में ये दूसरा चमत्कार कराया गया है.” ****************************************** जेठानी-देवरानी की तकरार ‘फैमिली नंबर वन’ की बहुएँ फिर आमने-सामने हैं. मैं किसी टेलीविज़न सीरियल की बात नहीं कर रहा हूँ. चर्चा हो रही है गाँधी परिवार की बड़ी बहू सोनिया और उनकी देवरानी मेनका की. मेनका गांधी पर सीबीआई ने शिकंजा कस दिया है. उन पर सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री रहते कई ग़ैर-सरकारी संगठनों यानी एनजीओ को फ़ायदा पहुँचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. मेनका गांधी का आरोप है कि यूपीए अध्यक्षा सोनिया गाँधी के इशारे पर उन्हें घेरने की कोशिश की जा रही है. वो यहीं नहीं रुकतीं. उनका कहना है कि वोल्कर मामले पर पाठक रिपोर्ट में कई बातें छुपा ली गई और सलीके से कॉंग्रेस पार्टी को बचाया गया है. देवरानी के तल्ख़ तेवर पर जेठानी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हाँ, उनके सिपहसालारों में से एक श्रीप्रकाश जायसवाल ने उनके बचाव में कहा है, ‘सोनिया ओछी राजनीति नहीं करतीं.’ (हमारी साप्ताहिक दिल्ली डायरी का यह अंक आपको कैसा लगा? लिखिए hindi.letters@bbc.co.uk पर). |
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