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हज सब्सिडी पर हाई कोर्ट ने पाबंदी लगाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में केंद्र और राज्य सरकार को हज यात्रा पर सब्सिडी बंद करने का निर्देश दिया है. हाई कोर्ट के दो सदस्यीय बैंच ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा है कि अगले आदेश तक हज यात्रा पर सब्सिडी न दी जाए. अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले में छह हफ्ते में अपना जवाब देने को कहा है. ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार हज यात्रा पर जानेवाले प्रति व्यक्ति को हवाई यात्रा में लगभग 20 हज़ार रुपए की सब्सिडी देती है. इसके अलावा राज्य सरकारें हज यात्रियों को हज हाउस जैसी सुविधाएँ भी मुहैया कराती हैं. दरअसल शिव सेना के वीएम शुक्ला ने 1995 में हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता की दलील थी कि किसी एक मजहब को सब्सिडी देना संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के ख़िलाफ़ है. अदालत ने इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब माँगा था लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया. हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने का निर्देश देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इस बारे में अपना पक्ष रखने को कहा है. ग़ौरतलब है कि हज मुसलमानों के पाँच धार्मिक कर्तव्यों में से एक है. अन्य चार कर्तव्य हैं कलमा, रोज़ा, नमाज़ और ज़कात. इस्लाम की मान्यताओं के अनुसार हर सक्षम और स्वस्थ शरीर वाले मुसलमान को अपने जीवन में एक बार हज ज़रूर करना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें हज के दौरान हादसों के लिए ज़िम्मेदार कौन?13 जनवरी, 2006 | आपकी राय 'हादसे के लिए पुलिस ज़िम्मेदार नहीं'13 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना लाखों श्रद्दालुओं ने हज किया 20 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना मक्का में मरने वालों की संख्या 76 हुई06 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना मक्का में होटल गिरा, 53 हजयात्री मारे गए05 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना हज अंतिम चरण में31 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना हज के दौरान भगदड़, 244 की मौत01 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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