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पश्चिम भारत में बाढ़ से राहत नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पश्चिमी राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात में बाढ़ से आम लोगों को राहत नहीं मिली है. उधर आंध्रप्रदेश में स्थिति कुछ सुधरी है. गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हज़ारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम अब भी चल रहा है. गुजरात के सूरत शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी अब भी भरा हुआ है. बाढ़ प्रभावित राज्यों में राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना, वायुसेना और नौसेना की मदद ली जा रही है. सबसे बुरा हाल गुजरात का है जहाँ सैंकड़ों लोग अब भी छतों पर रात काटने को मजबूर हैं. अधिकारियों का कहना है कि सूरत में अगले कुछ दिनों में जलस्तर घटने की संभावना है. आंध्रप्रदेश में गोदावरी नदी का जलस्तर थोड़ा घटने से हालात सुधरे हैं हालाँकि अब भी लगभग 300 गाँवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश कम होने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें बाढ़ की स्थिति बदतर, कई ऊर्जा संयंत्र ठप09 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस कई राज्यों में बाढ़ से तबाही, 225 की मौत08 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में बाढ़, 35 की मौत07 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस आंध्रप्रदेश में बाढ़ से स्थिति गंभीर, 63 मरे06 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस आंध्रप्रदेश में बाढ़ के कारण 43 की मौत05 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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