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क्लिंटन से एक राखी बहन की शिकायत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में जयपुर के निकट ख़ूबसूरत पहाड़ियों में बसे नायला गांव ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को राखी के मौक़े पर शिद्दत से याद किया. मगर दुख भी जताया कि क्लिंटन ने गांव की मोहिनी देवी की ओर से भेजी गई राखी का कोई उत्तर नहीं दिया. अपने भव्य क़िले और हवेली के साथ जयपुर की प्रतिकृति समझा जाने वाला नायला गांव छह साल पहले तब सुर्ख़ियों में आया जब क्लिंटन ने गांव का दौरा किया और ग्रामीण महिलाओं से मिलकर भारत के ग्राम्य जीवन को निकट से देखा. गांव में महिला सहायता समूह चेतना की प्रमुख मोहिनी ने क्लिंटन की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और अपने इस धर्मभाई को हर साल राखी भेजने का संकल्प व्यक्त किया. लेकिन इस रक्षा बंधन पर मोहिनी उदास हैं. कहती हैं ‘‘श्री क्लिंटन ने राखी की भावना का सम्मान नहीं किया. ’’ क्लिंटन ने दो बार नायला का दौरा किया था. मोहिनी बताती है कि क्लिंटन दूसरी बार नायला आए तो उन्हें राखी की याद दिलाई. तब श्री क्लिंटन ने कलाई पर बंधे धागे को दिखाया और कहा उन्हें इसका महत्व याद है. मगर इस बार क्या हुआ? मोहिनी देवी कहती हैं, ‘‘एक बहिन के रक्षा सूत्र को भाई ने अहमियत नहीं देकर ठीक नहीं किया.’’ नायला और उसके समीपवर्ती गांवों में लोग मोहिनी को क्लिंटन की बहिन के रूप में संबोधित करते हैं. मगर मोहिनी का पुत्र रामबाबू कहता है, ‘‘कुछ लोग हमारा उपहास भी करते हैं.’’ जब मैं निकलता हूं तो लोग कहते हैं देखो क्लिंटन का भांजा जा रहा है. नायला के पूर्व सरपंच कालूलाल कहते हैं इस उपेक्षा से पूरा गांव आहत है. "क्लिंटन साहब को मोहिनी की राखी का सम्मान समझना चाहिए था. हमें भी अच्छा लगता अगर वे रक्षा सूत्र की भावना समझते. मोहिनी कहती है श्री क्लिंटन हर जगह नायला में मिले स्वागत भाव और अनुभव का उल्लेख तो करते हैं लेकिन राखी को भूल गए." भारत में सूत का यह कमज़ोर धागा बहन-भाई के रिश्तों का अटूट बंधन समझा जाता है. राखी के धागे ने कई रजवाड़ों में युद्ध टालने का भी काम किया है. मोहिनी को यक़ीन है उसकी राखी अगले रक्षाबंधन पर ज़रूर अपना प्रभाव प्रदर्शित करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें राखी ने बढ़ाया ई-बिज़नेस का बाज़ार08 अगस्त, 2006 | मनोरंजन जहाँ रक्षाबंधन नहीं मनाया जाता08 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस परदेस में राखी कैसे मनाते हैं?01 अगस्त, 2006 | आपकी राय चंदा रे मेरी बहना से कहना....31 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना भारतीय कलाइयों पर चीनी राखियाँ30 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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