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उत्तर प्रदेश में पोलियो मामलों में बढ़ोतरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाक़ों में पोलियो के मामलों में चार गुना की भारी वृद्धि हुई है जिससे राज्य सरकार बहुत चिंतित है. ये इलाक़े दिल्ली के आसपास हैं. उत्तर प्रदेश के ये ज़िले राजधानी दिल्ली के पास हैं और कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश के अन्य ज़िलों की तुलना में ये ज़िले संपन्न हैं. उत्तर प्रदेश परिवार कल्याण निदेशक एल बी प्रसाद ने बताया कि इस साल पोलियो के 121 मामले सामने आए हैं जबकि पिछले साल यह संख्या मात्र 29 थी. इनमें से 80 प्रतिशत मामले मुस्लिम परिवार से हैं और इन परिवारों का सामाजिक और आर्थिक स्तर बहुत अच्छा नहीं है. पोलियो के ये मामले बरेली, रामपुर, बदायूं, मुरादाबाद और मेरठ के आसपास के ज़िलों से हैं. प्रसाद का कहना है कि ये समस्या मुस्लिम समुदाय में अधिक है क्योंकि समुदाय में अधिक जनसंख्या, अशिक्षा और साफ सफाई की कमी है. उत्तर प्रदेश के जनकल्याण मंत्री अहमद हसन स्वयं मुसलमान हैं और पोलियो की खुराक़ के लिए लगातार मुस्लिम समुदाय से अपील करते रहते हैं. प्रसाद कहते हैं कि वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं की अपील के बावजूद मुस्लिम समुदाय में पोलियो के टीके को लेकर कई प्रकार के संशय हैं और लोग पोलियो के टीके नहीं लगवाना चाहते हैं. राज्य सरकार ने पिछले दिनों 35 ज़िलों में पोलियो टीकाकरण के विशेष अभियान की शुरुआत की थी. प्रसाद ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में पोलियो की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी चिंता का विषय है और इसे कम करने के लिए ज़बर्दस्त अभियान चलाया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'यूनिसेफ़-सरकार ज़िम्मेदार' | भारत और पड़ोस बांग्लादेश ने टीकाकरण अभियान छेड़ा 25 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस टीकाकरण अभियान तेज़ हुआ12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस स्वास्थ्य संगठन का पोलियो अभियान 07 मई, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश है पोलियो का गढ़ | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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