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चिट्ठी में मुख़बिर का नाम नहीं: पीएमओ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि भाजपा नेता जसवंत सिंह ने जो चिट्ठी प्रधानमंत्री को दी है, उसमें कथित अमरीकी मुख़बिर का नाम नहीं है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारु ने रविवार को बताया कि जसवंत सिंह ने अपनी चिट्ठी में वही जानकारियाँ दी है जो उन्होंने अब तक मीडिया में सार्वजनिक की हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जसवंत सिंह को लिखी जवाबी चिट्ठी में पूछा है कि उन्होंने ये जानकारी पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को क्यों नहीं दी. संजय बारू ने कहा, कल से ही कुछ समाचार माध्यमों में इस तरह की ख़बरें आ रही है कि जसवंत सिंह ने प्रधानमंत्री के सौंपी गई चिट्ठी में उस कथित मुख़बिर का नाम बता दिया है. लेकिन जो पत्र भेजा गया है उसमें किसी का नाम नहीं है और न इस बात की पुष्टि की गई है कि कथित मुखबिर प्रधानमंत्री कार्यालय में था. उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जो दस्तावेज़ जसवंत सिंह ने भेजा है उसमें न तो किसी के हस्ताक्षर हैं और न यह किसी लेटरहैड पर है. प्रधानमंत्री ने पूछा है कि जब ये दस्तावज़ जसवंत सिंह के पास, उनके केंद्रीय मंत्री रहते हुए था, तो उन्होंने इसे पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को क्यों नहीं सौंपा. प्रधानमंत्री ने कहा है कि यदि उनके पास कोई और जानकारी है, जो वे सार्वजनिक करना चाहते हों, उन्हें भेज सकते हैं. 'कॉल टू ऑनर' उल्लेखनीय है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव के कार्यकाल में सक्रिय 'अमरीकी मुख़बिर' के बारे में पूरी जानकारी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेज दी है. भाजपा नेता और पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह ने हाल में अपनी किताब 'कॉल टू ऑनर' में आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव के कार्यकाल में एक अधिकारी ने भारत के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमरीका को गुप्त जानकारी प्रदान की थी. कुछ दिन पहले जब वरिष्ठ भाजपा नेता ने ये जानकारी सार्वजनिक की थी तब राजनीतिक और मीडिया हलकों में ख़लबली मच गई थी. लेकिन उस समय भी उन्होंने अमरीका को संवेदनशील जानकारियाँ देने वाले इस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया था. इसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि यदि साहस हो तो जसवंत सिंह उस व्यक्ति का नाम बताएँ. तब उन्होंने बीबीसी से एक बातचीत के दौरान कहा था कि वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जल्दी ही उस व्यक्ति का नाम बता देंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी भेज दी है'29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री को नाम बताएँगे जसवंत सिंह24 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'साहस है तो जसवंत मुख़बिर का नाम लें'23 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों से निपटने में सेना न लगाएँ'04 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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