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जसवंत पलटे, अभी नाम बताने से इनकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने एक दिन बाद ही अपना मन बदल लिया है. अब उन्होंने उस व्यक्ति का नाम बताने से इनकार कर दिया है जो प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव के कार्यालय में था और अमरीका को भारत की संवेदनशील जानकारियाँ दिया करता था. सोमवार को बीबीसी से हुई एक बातचीत में उन्होंने कहा था कि वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जल्दी ही उस व्यक्ति का नाम बता देंगे. लेकिन मंगलवार को जसवंत सिंह ने अपनी बात से पलटते हुए कहा कि वे 'उचित समय आने पर ही' उस व्यक्ति के बारे में जानकारी देंगे. उल्लेखनीय है कि जसवंत सिंह ने अपनी किताब 'ए कॉल टू ऑनर' में आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करने वाला यह व्यक्ति ऐसी जानकारी अमरीका को देता रहा था जो देशहित के ख़िलाफ़ थीं. रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जसवंत सिंह को चुनौती दी थी कि वो साहस रखते हैं तो उस व्यक्ति का नाम बताएँ. अब जसवंत सिंह को इस बात पर भी आपत्ति है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह बात खुले रुप से मीडिया के सामने क्यों कही. इसलिए अब वे अपनी ओर से प्रधानमंत्री से मिलने के भी इच्छुक नहीं रह गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रधानमंत्री को नाम बताएँगे जसवंत सिंह24 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'साहस है तो जसवंत मुख़बिर का नाम लें'23 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों से निपटने में सेना न लगाएँ'04 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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