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अजमेर विवाद खड़ा करने वाला निलंबित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में अजमेर स्थित ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में औरतों के आने पर प्रतिबंध की माँग उठाने वाले एफ़एस हसन चिश्ती को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है. ये फ़ैसला शुक्रवार की रात ख़ादिमों की बैठक में लिया गया. ख़ादिमों की संस्था अंजुमन के सचिव सरवर चिश्ती ने बताया कि निलंबन के बाद एफ़एस हसन चिश्ती एक महीने तक ज़ियारत नहीं करवा सकेंगे. इसका मतलब ये है कि उन्हें एक महीने तक चढ़ावे से हिस्सा नहीं मिल सकेगा. उल्लेखनीय है कि एफ़एस हसन चिश्ती ने मुख्य मज़ार के सामने बैठकर औरतों की इबादत पर ऐतराज़ जताते हुए कहा था कि इससे मर्दों की नमाज़ में ख़लल पैदा होता है. हालांकि दरगाह प्रबंधन ने कहा था कि यह महज़ प्रबंधन की समस्या है, जिसे ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन हसन चिश्ती की इस माँग के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था और प्रबंधन को अपनी ओर से सफ़ाई देनी पड़ी थी कि दरगाह में महिलाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें अजमेर में औरतों की इबादत पर विवाद15 जून, 2006 | भारत और पड़ोस अजमेर मामले की जाँच की मांग31 मार्च, 2002 | पहला पन्ना घड़ी वाली दरगाह है एकता की डोर12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस जनरल नहीं, श्रद्धालु मुशर्रफ़ ने मत्था टेका16 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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