|
मनमोहन के बयान का स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बयानों का स्वागत किया है, जिसमें सुरक्षा बलों को मानवाधिकार का ध्यान रखने की हिदायत भी शामिल है. पाकिस्तान के विदेश विभाग ने अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए माना है कि उन्हें शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत की ओर से कुछ नए प्रस्ताव भी मिले हैं. पाकिस्तान का कहना है कि वो इन नए प्रस्तावों पर जल्दी ही अपनी प्रतिक्रिया देगा. उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में दो दिनों के गोलमेज़ सम्मेलन के लिए गए मनमोहन सिंह ने बुधवार और गुरुवार को एक नए कश्मीर के निर्माण के लिए कई घोषणाएँ कीं. सम्मेलन के पहले दिन उन्होंने सुरक्षा बलों को मानवाधिकार का ध्यान रखते हुए हिदायत भी दी थी कि हिरासत में होने वाली मौतों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस्लामाबाद में बीबीसी के संवाददाता ज़फ़र अब्बास का कहना है कि मनमोहन सिंह के बयान पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ऐसी नहीं है जो अपेक्षित न हो. पाकिस्तान लंबे समय से भारत प्रशासित कश्मीर में सुरक्षा बलों के मानवाधिकार हनन के मामलों पर आपत्ति करता रहा है और जब प्रधानमंत्री ने ख़ुद इसकी बात की तो पाकिस्तान ने तत्परता से इसका स्वागत किया है. लेकिन पाकितान का बयान सिर्फ़ मानवाधिकार के मामले को लेकर नहीं है, उसने भारतीय प्रधानमंत्री के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें उन्होंने विवादित मुद्दों के शांतिपूर्ण हल की बात कही है. पाकिस्तानी विदेश विभाग के बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान भी कहता रहा है कि दोनों देशों को विश्वास बहाली के क़दमों से आगे आकर विवाद के मुद्दों पर सीधी बात करनी चाहिए. बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान श्रीनगर में दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण में कई सकारात्मक बातें देखता है. पाकिस्तान ने कहा है कि वो भारत के इस प्रस्ताव से सहमत है कि नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के कश्मीरियों के बीच संवाद बढ़ना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें सर क्रीक में संयुक्त सर्वेक्षण होगा26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस क्या है सर क्रीक विवाद?26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस मुश्किलों की लंबी सूची है सियाचिन पर25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू कश्मीर के लिए कई घोषणाएँ25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सियाचिन वार्ता में कोई सहमति नहीं24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू कश्मीर के लिए पाँच सूत्री कार्यक्रम24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस हिंसा के बीच कश्मीर में गोलमेज़ सम्मेलन24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||