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गुरुवार, 25 मई, 2006 को 08:07 GMT तक के समाचार
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बांझ बेटियों की समस्या
नवयुवती
जादूगोड़ा की नवयुवतियों में शादी की समस्याएं हो रही हैं
जादूगोड़ा में रेडियोधर्मी विकिरणों से बच्चों को होने वाली समस्याओं को जोड़ना आसान प्रतीत होता है लेकिन इससे एक सामाजिक समस्या भी शुरु हो गई है.

रेडियोधर्मी विकिरणों के ख़िलाफ़ काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था जोहार के घनश्याम बिरुली कहते हैं कि चूंकि यहां की महिलाओं में गर्भपात की समस्या बहुत अधिक है और विकलांग बच्चे पैदा होते हैं इसलिए अब यहां की महिलाओं से कोई शादी नहीं करना चाहता है.

बिरुली की बातों में सौ प्रतिशत सच्चाई है यह कहना मुश्किल है लेकिन जादूगोड़ा के आसपास के इलाक़ों में कुछ महिलाएं ऐसी ज़रुर हैं जिनकी शादियां नहीं हो पा रही हैं.

एक महिला ऐसी भी है जिन्हें उनके पति ने सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उन्हें बच्चा नहीं हो रहा है.

जब हमने यहां पर कुछ नवयुवतियों से बात की तो उनका भी कहना था कि महिलाओं में समस्याएं अधिक हैं. गर्भपात अधिक होता है.

यह पूछने पर कि क्या माता पिता उनकी शादी को लेकर चिंतित हैं तो उनका जवाब था " हां चिंतित तो हैं लेकिन हम कर क्या सकते हैं. हम तो बस भगवान से मनाते हैं कि हमारी अच्छे घर में शादी हो जाए."

कई लोग गर्भपात और गर्भ न ठहरने की समस्या के लिए डायनों को दोष देते हैं.

यह इलाक़ा काफी पिछड़ा है और प्रभावित लोग ज़्यादातर आदिवासी. शायद यही कारण है कि लोग बच्चों की विकलांगता और अजीबोग़रीब बीमारियों के लिए डायनों को दोष देते हैं.

गांवों के पास बने हुए हैं टेलिंग पांड्स जिनमें खान से निकलने वाला रेडियोधर्मी कचरा डाला जाता है.

इन गांवों के कई महिलाएं अलग अलग तरह की बीमारियों से ग्रसित बताई जाती हैं लेकिन मामला चूंकि महिलाओं का है कोई खुलकर नहीं बोलता.

स्थानीय पत्रकार सलमान रावी कहते हैं कि पूरे इलाक़े में शिक्षा का अभाव है और आदिवासियों को यह पता नहीं कि ऐसी समस्याओं का कारण रेडियोधर्मिता भी हो सकता है.

रेडियोधर्मी विकिरणों को महिलाओं की इस सामाजिक समस्या से जोड़ना मुश्किल तो ज़रुर है लेकिन इलाक़े की महिलाओं के बीच सर्वेक्षण कर चुकी संस्था वेदची की वैज्ञानिक संघमित्रा गडेकर साफ कहती हैं कि दूसरी महिलाओं की तुलना में टेलिंग पांड्स के पास रहने वाली महिलाओं में गर्भपात की समस्याएं अधिक हैं.

संघमित्रा कहती हैं " जो महिलाएं यूरेनियम खनन क्षेत्र के पास रहती हैं उनमें निश्चित रुप से कई प्रकार की बीमारियां हैं. गर्भपात होना, मरे हुए बच्चे पैदा होना या फिर विकलांग बच्चे पैदा होना. इन बीमारियों का औसत यहां अधिक है. "

जादूगोड़ा की महिलाएं अभिशप्त हैं लेकिन उनकी सुनने वाला शायद कोई नहीं है.

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