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केरल, बंगाल में वाममोर्चा जीत की ओर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल और केरल के विधानसभा चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों के अनुसार दोनों राज्यों की सत्ता एक बार फिर से वाममोर्चे के हाथ में होगी. जहाँ केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ़) को स्पष्ट बहुमत के आसार नज़र आ रहे हैं वहीं पश्चिम बंगाल में भी वाममोर्चा इतिहास दोहराने जा रहा है. पश्चिम बंगाल में तो अगर वाममोर्चे की सरकार बनती है तो यह लगातार सातवीं बार होगा जब राज्य की सत्ता वामदलों के हाथ में होगी. पश्चिम बंगाल से मिल रहे शुरुआती रुझानों के मुताबिक वाममोर्चे को तीन सीटों पर जीत हासिल हो गई है जबकि इन्हें 198 सीटों पर बढ़त हासिल है. अन्य दलों में तृणमूल कांग्रेस को 37 सीटों पर जबकि कांग्रेस पार्टी को 33 सीटों पर बढ़त हासिल है. राज्य की 294 सीटों में से 293 सीटों के लिए मतदान हुआ था जिनके लिए मतगणना का काम जारी है. राज्य की एक विधानसभा सीट भटपारा पर चुनावों को स्थगित करना पड़ा था क्योंकि वहाँ के बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी की मृत्यु हो गई थी. केरल भी लाल उधर केरल की 140 विधानसभा सीटों में से नौ सीटों पर वाममोर्चे को जीत हासिल हो गई है और इसे 89 सीटों पर बढ़त हासिल है. राज्य में यूडीएफ़ को अभी तक पाँच सीटों पर जीत हासिल हुई है और 37 सीटों पर इस संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे के प्रत्याशी 37 सीटों पर आगे चल रहे हैं. एलडीएफ ने तिरुअनंतपुरम, कोल्लम, कोझिकोड, त्रिचूर, कन्नूर और पलक्कड ज़िले में पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में अपनी स्थिति मज़बूत की है. वाममोर्चे के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री पद के दावेदार अच्युतानंदन वाममोर्चा के गढ़ मालमपुझा से आसान जीत की ओर बढ रहे हैं. मौजूदा मुख्यमंत्री उम्मन चांडी पुथुपल्ली विधानसभा क्षेत्र में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से आगे चल रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पाँच राज्यों के चुनाव नतीजे11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में द्रमुक; प. बंगाल और केरल में वाममोर्चा आगे11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पाँच राज्यों में मतों की गिनती शुरू10 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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