|
तमिलनाडु में गठबंधन सरकार के आसार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में विधान सभा के लिए हुए चुनाव के नतीजों से एक गठबंधन सरकार बनने की संभावना नज़र आ रही है. करुणानिधि के नेतृत्व वाली पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम और गठबंधन ने 234 सदस्यों वाली विधान सभा में 163 सीटें जीत ली हैं जबकि जयललिता के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक और गठबंधन ने 68 सीटों पर जीत हासिल की है. निवर्तमान विधान सभा में अन्नाद्रमुक के 132 सदस्य थे. चुनाव नतीजों से स्पष्ट हुआ है कि राज्य में एक गठबंधन सरकार बनेगी जिससे एकदलीय सरकार का लंबा इतिहास समाप्त हो जाएगा. केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के लिए भी तमिलनाडु के चुनावी नतीजे अच्छे रहे हैं. कांग्रेस ने वहाँ 34 सीटों पर जीत हासिल की है और वह द्रमुक गठबंधन की प्रमुख पार्टी है. संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस भी द्रमुक गठबंधन सरकार में शामिल होगी और अगर ऐसा होता है तो 1967 के बाद से यह पहला मौक़ा होगा जब तमिलनाडु में कांग्रेस सत्ता में शामिल होगी. 83 वर्षीय करुणानिधि ने लगातार 11वीं बार विधान सभा चुनाव जीतकर एक नया इतिहास बनाया है. और अगर वह नए गठबंधन के मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह भी एक नया रिकॉर्ड होगा यानी वह रिकॉर्ड पाँचवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे. अन्नाद्रमुक की अध्यक्ष जयललिता ने भी अंडीपट्टी से अपना चुनाव जीत लिया है.
अन्ना अरिवलयम में द्रमुक के मुख्यालय में जश्न का माहौल है जबकि जयललिता के घर में माहौल कुछ उदास सा नज़र आया. चेन्नई में एक पत्रकार सम्मेलन में सवालों के जवाब में करुणानिधि ने कहा वह पहले अपने सहयोगी दलों से बातचीत करेंगे और उसके बाद ही गठबंधन सरकार के गठन की संभावनाओं पर कुछ कह सकेंगे. द्रमुक ने 129 स्थानों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे. तमिलनाडु में चुनावों में बड़ी उलटफेर होती रही है और 2004 के लोकसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक को भारी सफलता मिली थी. बिखरे समीकरण हालांकि चुनावी गणित में माहिर जयललिता ने ऐन मौके पर एमडीएमके नेता वाइको को अपने पाले में लाकर अन्नाद्रमुक की संभावनाओं को मज़बूत बनाने की कोशिश की थी. वाइको ने द्रमुक पर सीटों के बंटवारे में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए अम्मा से हाथ मिला लिया था पर इसका कोई लाभ मिला, परिणामों को देखते हुए यह कह पाना कठिन ही है. उधर चुनाव से पहले ही भाजपा ने भी जयललिता से पल्ला झाड़ लिया था. द्रमुक गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने केन्द्र सरकार की नीतियों को प्रचारित कर यह बताया कि तमिलनाडु के विकास के लिए योजनाओं की कमी नही है लेकिन राज्य सरकार इन्हें लागू करने में विफल रही है. विपक्षी द्रमुक गठबंधन ने राज्य सरकार पर विनाशकारी सुनामी से हुए नुक़सान और किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए जनता से उन्हें समर्थन देने की अपील की. हालांकि दोनों गठबंधनों की ओर से लोक लुभावन चुनावी वायदों की झड़ी लगी. जयललिता ने जहां दोबारा सत्ता में आने पर मुफ़्त रंगीन टेलीविजन सेट बांटने का ऐलान किया वहीं द्रमुक ने मात्र दो रुपये किलो चावल और गेहूं देने का वायदा किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें केरल और बंगाल में वामपंथी जीते11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पाँच राज्यों के चुनाव नतीजे11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पाँच राज्यों में मतों की गिनती शुरू10 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||