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फूलन हत्याकांड का अभियुक्त ग़िरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में पुलिस ने चंबल के बीहड़ों से संसद पहुँचने वाली फूलन देवी की हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त शेर सिंह राणा को दोबारा गिरफ़्तार कर लिया है. राणा फ़रवरी 2004 में अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाली दिल्ली की तिहाड़ जेल में सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भाग गया था. उसे भगाने में पुलिस अधिकारियों की ड्रेस पहने उसके सहयोगियों ने मदद दी थी. उसे सोमवार शाम कोलकाता में गिरफ़्तार किया गया था. मंगलवार को पुलिस उसे दिल्ली लेकर आई. पहली बार शेर सिंह राणा को समाजवादी पार्टी की सांसद फूलन देवी की हत्या के बाद 2001 में गिरफ़्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस के आयुक्त केके पॉल ने पत्रकारों को बताया कि दो वर्षों की फ़रारी के दौरान राणा भारत के विभिन्न हिस्सों के अलावा बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और अफ़ग़ानिस्तान भी गया. कोयले का धंधा पॉल के अनुसार कुछ दिनों से कोलकाता में रह रहा राणा कोयले का धंधा शुरू करने का प्रयास कर रहा था. पुलिस के अनुसार राणा ने फूलन की हत्या की बात स्वीकार की है. हत्या के इस मामले में राणा समेत 11 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं. शेर सिंह राणा की गिरफ़्तारी पर पुलिस ने 50 हज़ार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. फ़ूलन देवी भारतीय राजनीति में क़दम रखने से पहले दस्यु सुंदरी के रूप में चर्चित रही थीं. उन पर 1981 में एक जनसंहार में ऊँची जाति के 22 लोगों को मौत के घाट उतारने का आरोप था. फूलन ने 1983 में अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और उसके बाद फ़रवरी 1994 तक वो जेल में रहीं. बाद के वर्षों में वह दो बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुईं. | इससे जुड़ी ख़बरें फूलन देवी:चंबल के बीहड़ों से संसद तक17 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस तिहाड़ जेल के अधिकारी निलंबित18 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस राणा के फ़रार होने की मजिस्ट्रेट जाँच17 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस फूलन हत्याकांड में प्रमुख अभियुक्त फ़रार17 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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