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झारखंड के विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड में यूपीए के घटक दलों के नेताओं ने मंगलवार को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से मुलाक़ात की है. इन नेताओं ने राष्ट्रपति से कहा है कि वे झारखंड के राज्यपाल सैयद सिब्ते रज़ी से कहें कि वे एनडीए सरकार के 'लाभ के पद' से जुड़े विधेयक को मंज़ूरी न दें. राष्ट्रपति से मिले विधायकों और सांसदों ने कहा है कि इस क़ानून से एनडीए के नेताओं की विधानसभा की सदस्यता रद्द करने से रोकने की कोशिश की जा रही है. राष्ट्रपति ने उनकी माँगों पर विचार करने का आश्वासन दिया. अपने ज्ञापन में नेताओं ने कहा है कि इस क़ानून को मंज़ूरी मिलने से एक ग़लत परंपरा शुरु होगी. 39 विधायकों और 11 सांसदों के इस प्रतिनिधि मंडल ने कहा है कि झारखंड में लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार ख़त्म किया जा रहा है. झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता सुधीर कुमार महतो ने बीबीसी से कहा, "सरकार अल्पमत में आ गई है और जिस तरह से ताबड़तोड़ तरीक़े से क़ानून पारित करवाया गया वो ग़ैर क़ानूनी है." उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग से भी मिलने का समय माँगा था लेकिन आयोग ने न्यायिक प्रक्रिया जारी होने का हवाला देते हुए हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था. उधर मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित सत्ताधारी दल के सभी सदस्य राजस्थान की यात्रा पर हैं. माना जा रहा है कि सत्ताधारी दल में तोड़फोड़ को टालने के लिए यह क़दम उठाया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें आरएसएस नेता ने की सोनिया की तारीफ़27 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस लाभ के पद के मामले में विधेयक27 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस इस्तीफ़े पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस सोनिया गांधी का लोकसभा से इस्तीफ़ा 23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस संसद का सत्र बीच में ही ख़त्म23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'लाभ के पद' को लेकर संसद में हंगामा22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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