BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 17 फ़रवरी, 2006 को 05:06 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ईरान पर लचीले रूख़ की अपील
वामपंथी नेता
वामपंथी नेता ईरान पर सरकार की नीतियों से ख़ुश नहीं हैं
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि ईरान के मामले पर कूटनीतिक प्रयास जारी रहने चाहिए और लचीला रूख़ अपनाया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मार्च में होने वाली अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की बैठक से पहले समस्या का हल निकालने के प्रयास किए जाने चाहिए.

संसद के निचले सदन लोकसभा में दिए गए अपने बयान में मनमोहन सिंह ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है जो एक संप्रभु राष्ट्र के अधिकार और उसके अंतरराष्ट्रीय कर्तव्यों से जुड़ा जटिल सवाल है.

उन्होंने कहा कि इस विवाद का हल 'संयम, तर्कसंगत कूटनीति और लचीले रूख़' के साथ किया जाना चाहिए.

मनमोहन सिंह ने कहा, "सभी पक्षों को चाहिए कि वे टकराव को टालने और स्वीकार्य हल निकालने में दिलचस्पी दिखाएँ."

वाममोर्चा

वामपंथी दलों ने इस मुद्दे पर विस्तृत बहस की माँग की थी और समाजवादी पार्टी तो इस मामले पर अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रही थी.

इन पार्टियों का कहना था कि आईएईए में पिछले महीने भारत ने ईरान के ख़िलाफ़ वोट देकर ग़लत क़दम उठा है और इसके लिए संसद को विश्वास में नहीं लिया गया है.

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि अभी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है, इस मामले पर बाद में विस्तार से सुनियोजित तरीक़े से चर्चा कराई जाएगी.

अपने तीन पन्ने के बयान में प्रधानमंत्री ने ईरान के मामले पर बढ़ रहे तनाव पर चिंता प्रकट की है और कहा है कि सभी पक्षों को बयानबाज़ी और भड़काने वाले रूख़ से बचना चाहिए.

इस मामले पर आईएईए के निदेशक मंडल के सदस्यों ने बहुमत से फ़ैसला किया है कि ईरान की शिकायत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की जाए.

मार्च में आईएईए के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स को अंतिम फ़ैसला करना है कि इस मामले सुरक्षा परिषद में भेजा जाए या नहीं.

इससे जुड़ी ख़बरें
ईरान पर अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
12 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
ईरान मामले पर संसद में बहस की मांग
05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
'लक्ष्मण रेखा पार न करे सरकार'
05 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
भारत ने ईरान के ख़िलाफ़ मतदान किया
04 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
क्या कहा अमरीकी राजदूत ने?
26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
ईरान पर सरकार और वामदल एकमत
21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>