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हुसैन की पेंटिंग को लेकर तोड़फोड़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चर्चित चित्रकार एमएफ़ हुसैन की एक नई पेंटिंग का विरोध करने के लिए अहमदाबाद में एक हिंदू संगठन के लोगों ने एक कलादीर्घा में तोड़फोड़ की है. माना जा रहा था कि इस कलादीर्घा में एमएफ़ हुसैन की कुछ पेंटिंग भी रखी हुई हैं लेकिन कलादीर्घा के संचालकों का कहना है कि वहाँ कोई पेंटिंग नहीं है. बताया गया है कि कलादीर्घा में बाहर से तोड़फोड़ की गई है लेकिन भीतर कोई नुक़सान नहीं पहुँचा है. उल्लेखनीय है कि एमएफ़ हुसैन की हाल ही में बनाई गई 'भारत माता' की एक पेंटिंग का हिंदूवादी संगठनों ने विरोध किया था और इसके बाद हुसैन ने जनता से माफ़ी भी माँग ली थी. आरोप था कि इस पेंटिंग में 'भारत माता' को बिना वस्त्रों के चित्रित किया गया था. अहमदाबाद से बीबीसी संवाददाता राजीव खन्ना ने ख़बर दी है कि उन्हें हिंदू स्वाभिमान सेना नाम के संगठन की ओर से फ़ोन पर सुबह सूचना दी गई कि हुसैन की एक पेंटिंग का विरोध करने के लिए तोड़फोड़ की है. अहमदाबाद की गुफ़ा नाम की इस गैलरी में तोड़फोड़ सुबह 4.30 बजे की गई है. घटना स्थल से संवाददाताओं ने ख़बर दी है कि दरवाज़े और छत पर लगे काँच में तोड़फोड़ की गई है. ये गैलरी बीवी दोषी नाम के एक वास्तुविद ने बनाई है लेकिन इसे एक संस्था चलाती है. बीवी दोषी को इस घटना की जानकारी संवाददातओं से मिली और वे इस तोड़फोड़ में हुए नुक़सान से वाकिफ़ भी नहीं हैं. दोषी का कहना है कि इस गैलरी को एक शिक्षण संस्था चलाती है और इसका हुसैन से कोई लेना देना नहीं है. इस गैलरी में एक पेंटिंग के विवाद को लेकर 1996 में भी कुछ लोगों ने हमला कर तोड़फोड़ की थी. इसके बाद से ये गैलरी बंद थी लेकिन पिछले हफ़्ते ही इसे फिर शुरु किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें हुसैन ने जनता से माफ़ी माँगी08 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन हुसैन की पेंटिंग को लेकर फिर विवाद07 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन हुसैन की 100 तस्वीरों के 100 करोड़10 सितंबर, 2004 | मनोरंजन हुसैन के कैनवास से एक और फ़िल्म 02 अप्रैल, 2004 | मनोरंजन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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