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मुख़्तार माई अमरीका में सम्मानित होंगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई महिला मुख़्तार माई पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से पुरस्कार लेने के लिए अमरीका पहुँच गई हैं. मुख़्तार माई को अमरीका की पत्रिका ग्लैमर ने आमंत्रित किया है. ये पत्रिका महिलाओं के लिए आवाज़ उठाने वाली 12 महिलाओं को सम्मानित कर रही है. अभिनेत्री कैथरीन ज़ैटा जोंस को भी इस साल सम्मानित किया जाएगा. मुख़्तार माई ने कहा है कि वे इस मौक़े का इस्तेमाल पाकिस्तान के भूकंप प्रभावित लोगों की व्यथा सामने लाने के लिए करेंगी. मुख़्तार माई ने कहा है कि उनका अमरीका में रहने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने एपी समाचार एजेंसी को बताया, "मैं पाकिस्तान में जन्मी हूँ और वहीं रहना पसंद करूंगी." मुख़्तार माई का 2002 में सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसके बाद से वो पाकिस्तान में महिलाओं के लिए आवाज़ उठाने में काफ़ी आगे रही हैं. इस साल पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशरर्फ़ ने मुख़्तार माई के विदेश जाने पर रोक लगा दी थी. वाशिंगटन पोस्ट अख़बार ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का ये बयान छापा था कि बलात्कार का इस्तेमाल पैसा कमाने के लिए किया जा रहा है. उनके इस बयान की कड़ी आलोचना हुई थी. पाकिस्तान की क़ानूनी और सामाजिक व्यवस्था के आलोचकों का कहना है कि मुख़्तार माई के मामले से पता चलता है कि वहाँ महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सिर्फ़ पाकिस्तान ही क्यों..?'07 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बलात्कार मामले में पुलिसकर्मी गिरफ़्तार06 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मुख़्तार माई का मुक़दमा दोबारा चलेगा28 जून, 2005 | भारत और पड़ोस मुख़्तार माई मामले की सुनवाई27 जून, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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