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बलात्कार मामले में पुलिसकर्मी गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के शहर रावलपिंडी में पुलिस ने एक महिला के साथ बलात्कार के आरोपों के मामले में एक पुलिस सब इंसपैक्टर को गिरफ़्तार किया है. आरोप लगाए गए थे कि चार पुलिसकर्मियों ने एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया था. रावलपिंडी के ज़िला पुलिस अधिकारी सऊद अज़ीज़ ने बीबीसी को बताया कि आबिदा यूसुफ़ नामक एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके साथ ढोक चौधरियान में उनके ही घर में चार पुलिसकर्मियों ने चार सितंबर को सामूहिक बलात्कार किया था. सऊद अज़ीज़ ने बताया कि महिला की रिपोर्ट के बाद से तीन कांस्टेबल फ़रार थे. महिला की चिकित्सा जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार है. महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों ने उसके शौहर को गिरफ़्तार किया था और एक लाख रुपए की रिश्वत की माँग की थी. महिला ने कहा कि उसने पुलिस अधिकारियों को तीस हज़ार रुपए दे भी दिए थे जिसके बाद उसके शौहर को रिहा कर दिया गया था लेकिन पुलिस अधिकारियों ने बाक़ी रक़म की माँग जारी रखी. महिला के अनुसार पुलिसकर्मी रविवार, चार सितंबर को उसके घर में घुस आए और उसके शौहर और एक रिश्तेदार को एक अलग कमरे में बंद कर दिया और फिर महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया. ज़िला पुलिस अधिकारी सऊद अज़ीज़ ने कहा कि अगर महिला के आरोप सही साबित होते हैं तो अभियुक्त पुलिस कर्मियों को बख़्शा नहीं जाएगा. इसी तरह के एक अन्य मामले में कुछ दिन पहले फ़ैसलाबाद की एक महिला सोनिया नाज़ ने आरोप लगाया था कि उसके साथ पुलिसकर्मियों ने बलात्कार किया था. उस मामले में भी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया था. उस मामले में मीडिया में ख़ासी महत्वपूर्ण जगह पाई थी. प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तेख़ार चौधरी ने ख़ुद उस मामले की जाँच के आदेश दिए थे जिसके बाद पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया था और मामले की जाँच चल रही है. |
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