BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 12 अक्तूबर, 2005 को 07:09 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
पाकिस्तान में राहत को लेकर शिकायतें
भूकंप पीड़ित लोग चार रातें खुले आसमान के नीचे गुज़ार चुके हैं
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भूकंप के बाद पाँचवे दिन ज़्यादातर इलाक़ों में राहत सामग्री और बचाव दलों के पहुँचने की ख़बर तो है लेकिन पीड़ित लोगों की शिकायतें भी ज़ोर पकड़ रही हैं.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद से बीबीसी के संवाददाता ज़ुल्फ़िक़ार अली का कहना है कि पहले के मुक़ाबले राहत और बचाव का काम तेज़ तो हुआ है लेकिन अब भी बहुत सारे इलाक़ों में तंबू, खाने का सामान और पीने का पानी नहीं पहुँचा है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मुज़फ़्फ़राबाद और आसपास के इलाक़ों में चल रहा राहत का काम बहुत ही अव्यवस्थित है, कई बार लोग रास्ते में ट्रकों को घेरकर सामान लूट रहे हैं और जहाँ मदद की ज़रूरत है वहाँ ख़ाली ट्रक पहुँच रहे हैं.

लेकिन पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के प्रधानमंत्री सिकंदर हयात ख़ान ने बीबीसी से एक विशेष बातचीत में कहा, "इसमें कोई सच्चाई नहीं है कि ज़रूरतमंद लोगों तक मदद नहीं पहुँच रही है. शुरू में सड़कें बंद थीं इसलिए दिक़्कत हुई थी लेकिन अब तो सब ठीक चल रहा है."

कोहिस्तान

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में बहुत सारे इलाक़े ऐसे भी हैं जहाँ अभी तक राहत नहीं पहुँच सकी है.

ऐसे ही एक क़स्बे कोहिस्तान में राहत के काम में जुटे महफ़ूजुल्लाह ने बीबीसी को बताया कि वहाँ सिर्फ़ स्थानीय स्तर पर ही राहत और बचाव के प्रयास चल रहे हैं.

सरकार का कहना है राहत पहुँच रही है

उन्होंने कहा, "अभी तक कोई नहीं आया है, हमें यहाँ सबसे अधिक ज़रूरत है दवाओं की और डॉक्टरों की, लेकिन यहाँ तो एक फ़ोन तक नहीं आया है, लोग घायलों को कंधे पर उठाकर ले जा रहे हैं, केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिली है."

लेकिन पाकिस्तान के केंद्रीय गृह मंत्री का दावा है कि कोहिस्तान समेत सभी इलाक़ों में राहत सामग्री और बचावकर्मी पहुँच गए हैं, वे कहते हैं कि अब रास्ते खुल गए हैं इसलिए अब पहले जैसी दिक्कत नहीं होगी.

बैठक

पाकिस्तान में बुधवार को नेशनल सिक्यूरिटी काउंसिल की बैठक भी हो रही है जिसमें भूकंप की स्थिति से बेहतर तरीक़े से निबटने के बारे में चर्चा होगी.

वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार एहतेशाम उल हक़ का कहना है कि जिस तेज़ी से राहत का काम चलना चाहिए उस तेज़ी से नहीं चल रहा है, यह बात इस्लामाबाद में महसूस की जा रही है.

एहतेशाम उल हक़ का कहना है कि इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सहायता का पूरा उपयोग किस तरह कर सकता है.

इसके अलावा भूकंप प्रभावित इलाक़ों में बीमारियाँ फैलने की आशंका व्यक्त की जा रही है क्योंकि बहुत बड़ी तादाद में लाशें सड़ रही हैं जिनको दफ़न करना भी एक बड़ी चुनौती है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बताया है कि भूकंप से अब तक लगभग 23 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.

नक्शे पर भूकंप प्रभावित इलाक़े-


66भूकंप पर विशेष
पाकिस्तान और भारत में भूकंप की तबाही पर हमारी विशेष प्रस्तुति-
66भूकंपः वीडियो तस्वीरें
बालाकोट में चार साल के एक बच्चे को मलबे से निकाला गया. देखिए वीडियो.
66सहायता के लिए नंबर
भूकंप से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी चाहते हों तो इन नंबरों पर फ़ोन करें.
66त्रासदी पर आपका संदेश
भूकंप से हज़ारों जानें गईं और अनेक बेघर हुए. आपका क्या संदेश है?
66क्यों आते हैं भूकंप
अब तक हज़ारों लोगों की जान लेनेवाले भूकंप आखिर क्यों आते हैं.
इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>