|
प्रबंधन शरणं गच्छामि | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ध्यान और साधना को कुछ समय के लिए छोड़कर कुछ बौद्ध भिक्षु दुनियादारी के मामलों में दिलचस्पी ले रहे हैं. चीन के 18 बौद्ध भिक्षु शंघाई एक विश्वविद्यालय में बिजनेस मैनेजमेंट पढ़ने जा रहे हैं. चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ का कहना है कि ये बौद्ध भिक्षु मंदिर प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष अध्ययन करेंगे. उन्हें व्यापारिक रणनीति तैयार करने और धार्मिक कार्यक्रमों की मार्केटिंग करने की ट्रेनिंग दी जाएगी. चीन की सरकार ने पिछले 25 वर्षों में ज़्यादातर धार्मिक संस्थानों का जीर्णोद्धार किया है जिसका उद्देश्य पर्यटकों को आकर्षित करना है. शंघाई के बौद्ध मंदिर के महाप्रबंधक चांग चुन ने समाचार एजेंसी से कहा, "इस कोर्स के ज़रिए हम सीखना चाहते हैं कि व्यापारिक जगत में किस प्रकार प्रबंधन होता है." इस कोर्स के तहत बौद्ध भिक्षुओं को सुन ज़ू की किताब 'आर्ट ऑफ़ वार' भी पढ़ाई जाएगी, छठी सदी के इस चीनी दार्शनिक की किताब प्रबंधन के छात्रों को दुनिया भर में पढ़ाई जाती है. शंघाई के बौद्ध मंदिर में 280 बौद्ध भिक्षु हैं जो इस मंदिर का कामकाज देखते हैं. आशा व्यक्त की जा रही है कि प्रशिक्षण के बाद ये बौद्ध भिक्षु मंदिर को अधिक लोकप्रिय बनाने की नई रणनीति तैयार करेंगे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||