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'बूटा सिंह का आचरण अलोकतांत्रिक' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतिश कुमार ने राज्यपाल बूटा सिंह के आचरण को 'अलोकतांत्रिक' बताते हुए उन्हें पद से हटाए जाने की माँग की है. बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के संदर्भ में बीबीसी हिंदी सेवा के साथ बातचीत करते हुए नीतिश कुमार ने कहा कि राज्पाल बूटा सिंह ने माना है कि भाजपा-जेडी (यू) में उनके जानकार ने उन्हें सूचना दी थी. उनका कहना था कि राज्पाल का किसी भी राजनीतिक दल में 'इनफॉर्मर' यानी सूचना देने वाले व्यक्ति को रखना, इस पद पर बैठे व्यक्ति का 'अलोकतांत्रिक' आचरण दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ख़ुद काँग्रेस ने केंद्र की चंद्रशेखर सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. उधर समाचार माध्यमों के अनुसार राज्यपाल बूटा सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि इस बारे में उनके अधिकार पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. बूटा सिंह का कहना था कि केंद्र को भेजी गई उनकी रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित थी और संविधान के मुताबिक थी. समाचार माध्यमों के अनुसार उन्होंने ये भी कहा कि पूरा मामला न्यायालय के विचाराधीन है और इस पर किसी को भी सार्वजनिक क्षेत्र में चर्चा नहीं करनी चाहिए. पासवान से तालमेल नहीं आगामी चुनावों के बारे में लोक जनशक्ति पार्टी के साथ किसी तरह के तालमेल के बारे में नीतिश कुमार ने कहा कि वे इस बारे में विचार नहीं कर रहे हैं. उनका कहना था कि रामविलास पासवान की पार्टी के अधिकतर लोग तो पहले ही जेडी (यू) में शामिल हो चुके हैं इसलिए उस पार्टी में अब कितना दम है? पिछली बार तीन और इस बार चार चरण में चुनाव पर बात करते हुए नीतिश कुमार ने कहा कि उन्होंने माँग की थी कि मतदान एक ही चरण में हो. उनका कहना था कि इस पर चुनाव आयोग ने अपनी लाचारी दिखाई थी. उनका कहना था कि 23 सितंबर से लेकर 22 नवंबर तक का दो महीने का समय है जो बहुत ज़्यादा है. |
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