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बिहार में सरकार बनाने के प्रयास तेज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में होली के बाद राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर तेज़ हो गई हैं और नई सरकार बनाने की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतिश कुमार ने छह राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर उनसे नई सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा है. हालांकि नीतिश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को पत्र नहीं लिखा है. फरवरी महीने में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे जिसके बाद किसी भी गठबंधन को दो तिहाई बहुमत नहीं मिला और अंत में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा. नीतिश कुमार की सूची में भाजपा का नहीं होना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि नीतिश कुमार की पार्टी जेडी यू ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.
नीतिश कुमार के प्रस्तावित गठबंधन में रामविलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी का नाम भी है जो लगातार कहती रही है कि जनता दल को भाजपा से अपने संबंध समाप्त कर लेने चाहिए. कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में अपने पत्र के बारे में संवाददाताओं को जानकारी दी लेकिन उन्होंने संवाददाताओं के सीधे सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि उनकी सूची में भाजपा का नाम शामिल नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उनके इस कदम का विरोध नहीं करेगी. बिहार में किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 122 सदस्यों की दरकार होगी. कुमार ने जिन दलों को पत्र लिखा है अगर वे सभी दल मिलकर गठबंधन बनाते हैं तो संख्या होगी 120. कुमार ने लोकजनशक्ति के अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी शामिल है. इस बारे में जब बीबीसी ने रामविलास पासवान से संपर्क किया तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. |
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