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सरबजीत की रिहाई के लिए ज्ञापन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सरबजीत सिंह के परिवारजनों ने वाघा सीमा जाकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के नाम एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें उन्होंने सरबजीत सिंह को रिहा करने की माँग की है. ग़ौरतलब है कि सरबजीत सिंह, जिसे पाकिस्तान मंजीत सिंह बताता है, उसे पाकिस्तान में 'जासूसी के आरोप' में फाँसी की सज़ा सुनाई गई है. सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर, बेटियों स्वप्नदीप कौर और पूनम कौर और उसके गाँव के लोगों ने वाघा सीमा पर जाकर पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों को शुक्रवार को एक राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में उनसे मानवीय आधार पर सरबजीत सिंह को रिहा करने का अनुरोध किया गया है. इसमें कहा गया है कि इससे न केवल उन्हें सरबजीत सिंह के परिवार के लोगों की दुआएँ मिलेंगी. साथ ही करोड़ों भारतीयों के दिल में उनके प्रति कृतज्ञता उत्पन्न होगी. इसके पहले भारत में सरबजीत सिंह के परिवार और रिश्तेदारों ने इस मामले को सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक पहुँचाया और कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि वह इस मुद्दे पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से बात करेंगे. पंजाब काँग्रेस के सांसदों और विधायकों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की थी. दूसरी ओर भाजपा और अकाली नेताओं ने विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात की थी. इसके पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा था कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को सरबजीत सिंह से मिलने की इजाज़त दे दी गई है. फाँसी की सज़ा ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के आरोप में एक भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को फाँसी की सज़ा सुनाई गई है.
सरबजीत सिंह के परिजनों का कहना है कि जिसे मंजीत सिंह कहा जा रहा है, वह निर्दोष सरबजीत सिंह है और अधिकारियों ने ग़लत पहचान के आधार पर उसे पकड़ लिया है. पिछले सप्ताह पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने मंजीत सिंह की फाँसी की सज़ा को बरक़रार रखने का फ़ैसला सुनाया था. अधिकारियों का कहना है कि मंजीत सिंह पाकिस्तान में कई बम विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार हैं. लेकिन उनकी बहन का कहना है कि पाकिस्तान जिसको सज़ा देने जा रहा है वह वास्तव में एक खेतिहर मज़दूर है. |
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