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पाकिस्तान बंद कर रहा है शरणार्थी शिविर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर कबायली इलाक़ों में स्थित सभी शरणार्थी शिविरों को बंद करने जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों से संबंधित संस्था यूएनएचसीआर ने यह जानकारी दी है, संस्था का कहना है कि इस क़दम से एक लाख से अधिक शरणार्थी प्रभाविति होंगे. संस्था का कहना है कि पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर सुरक्षा की बिगड़ी हुई स्थिति के कारण इन लोगों तक मदद पहुँचा पाना बहुत मुश्किल होगा. यूएनएचसीआर का कहना है कि पाकिस्तान सरकार इन लोगों को पाकिस्तान में कहीं और रखेगी या फिर इनमें से जो लोग अफ़ग़ानिस्तान जाना चाहेंगे उन्हें वहाँ भेज दिया जाएगा. पाकिस्तान में एक अनुमान के मुताबिक़ इस समय लगभग तीस लाख अफ़ग़ान शरणार्थी रह रहे हैं, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले कुछ वर्षों में स्थिति कुछ बेहतर होने के बाद तकरीबन बीस लाख शरणार्थी अपने देश लौटे हैं. अस्सी के दशक में सोवियत सेना के अफ़ग़ानिस्तान में घुसने के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग वहाँ से विस्थापित होते रहे हैं, इनमें से ज़्यादातर लोगों ने पाकिस्तान और ईरान में शरण ली. चिंता यूएनएचसीआर का कहना है कि वह पाकिस्तान सरकार के कुर्रम और बाजोड़ एजेंसी इलाक़ों में स्थित शिविरों को बंद करने के पाकिस्तान सरकार के फ़ैसले से सहमत है. संस्था का कहना है कि पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर लगातार हो रही झड़पों के कारण वहाँ शिविरों में रह रहे लोगों तक मदद पहुँचाने में बहुत समस्याएँ आ रही थीं. सीमावर्ती इलाक़ों में कई शिविर पहले ही बंद किए जा चुके हैं. इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में बने अफ़ग़ान शरणार्थी शिविरों को सुरक्षा कारणों से अन्य स्थानों पर ले जाने की घोषणा की थी. |
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