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आवारा पशु पकड़ें, दो हज़ार रुपए पाएँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली को आवारा पशुओ से निजात दिलाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी किया है. इसके अनुसार दक्षिण दिल्ली के इलाक़े में आवारा पशुओं को पकड़ने और मवेशीखाने को सौंपनेवाले व्यक्ति को दो हज़ार रुपए दिए जाएंगे. यह अपने तरह का पहला आदेश है. हालांकि आवारा गाएँ दिल्ली के लिए एक बड़ी समस्या हैं. फिलहाल यह व्यवस्था दक्षिण दिल्ली में लागू की गई है. बाद में इसे दिल्ली के अन्य इलाक़ों में लागू किया जाएगा. हाईकोर्ट के अनुसार दिल्ली नगर निगम के अधिकारी राजधानी की सड़कों पर आवारा पशुओं को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं. जस्टिस बीसी पटेल और एससी कौल की खंडपीठ ने अपने फ़ैसले में कहा कि दक्षिण दिल्ली व कनॉट दिल्ली जैसे इलाक़ों में आवारा पशु घूमते रहते हैं. खंडपीठ ने कहा कि नगर निगम आवारा पशुओं को पकड़ने में नाकामयाब रहा है. इसलिए जनहित में ज़रूरी हो गया है कि लोगों को भी इसका हिस्सा बनाया जाए. अदालत ने आदेश दिया है कि जो भी व्यक्ति आवारा पशु को पकड़कर निगम के मवेशीखाने तक पहुँचाएगा, उसे निगम प्रति पशु दो हज़ार रुपए देगा. साथ ही अदालत ने डेयरियों को जल्द हटाने जाने का आदेश दिया है. साथ ही कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आवारा पशु वापस सड़क पर न आएं. |
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