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जबलपुर में चर्च पर हमला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मोटर साइकिल सवार कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने सोमवार की भोर में जबलपुर के एक चर्च में घुसकर ईसामसीह की प्रतिमा को रंग और सड़े अंडों से पोत दिया. इसके बाद वे वहाँ से भाग खड़े हुए. चर्च अधिकारी रोबर्ट जॉर्ज ने कहा कि प्रतिमा पर लगाया गया रंग भी साफ नहीं हो पा रहा है. उन्होंने इस घटना के लिए किसी पर भी अपना शक ज़ाहिर करने से मना कर दिया. चर्च के अधिकारियों ने इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दर्ज की है. जबलपुर पुलिस अधीक्षक श्रीनिवास राव ने कहा कि चर्च का चौकीदार जो वहाँ घटनास्थल पर मौज़ूद था, इस उपद्रवियों की पहचान नहीं कर पा रहा है, लेकिन पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. पिछले दस दिनों के भीतर ही यह ऐसी दूसरी घटना है जब कुछ लोगों ने 70 साल इस पुराने चर्च में घुसकर इस तरह की हरकते की हैं. 5 जून को भी कुछ लोगों ने चर्च की चहारदीवारी के भीतर मौजूद ईसा मसीह की प्रतिमा पर गोबर फेंक दिया था. चर्च अधिकारियों ने उस समय भी इस घटना की शिकायत पुलिस से की थी. भोपाल से करीब 300 किलोमीटर दूर बसे जबलपुर में पिछले दिनों ईसाई विरोधी गतिविधियाँ काफ़ी तेज़ हो गई हैं. यूनीफ़ोर्म का विरोध अपने आपको बजरंग दल का कार्यकर्ता बताने वाले कुछ व्यक्तियों ने यूनिफार्म के मामले को लेकर अप्रैल में ईसाई मिशनरी द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल के शिक्षक के साथ मारपीट की थी. वे स्कूल प्रबंधन द्वारा ईसा मसीह की तस्वीर वाले टी शर्ट को स्कूल यूनीफ़ॉर्म में शामिल करने का विरोध कर रहे थे. बाद में स्थानीय प्रशासन के बीच-बचाव के बाद स्कूल प्रबंधन ने ईसा मसीह की तस्वीर लगी हुई टी-शर्ट को वापस लिया तब जाकर मामला शांत हुआ. इस टी-शर्ट को यूनिफार्म से हटाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाया और चर्च की सुरक्षा जिम्मेवारी से भी अलग हटने की कोशिश की. उन्होंने एक पत्र में कहा कि अगर स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करता तो विपरीत स्थिति की ज़िम्मेदारी प्रशासन पर नहीं होगी. |
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