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पूर्व तालेबान मंत्री ने पर्चा दाख़िल किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के तालेबान शासन में विदेश मंत्री रहे वकील अहमद मुतवक्किल ने सितंबर में प्रस्तावित संसदीय चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है. उन्होंने कंधार से अपना पर्चा दाख़िल किया है. उनकी उम्मीदवारी के बारे में अंतिम फ़ैसला सरकार ही करेगी. कंधार तालेबान विद्रोहियों का गढ़ माना जाता था, जब 2001 में अमरीका की अगुआई में अंतरराष्ट्रीय सेना ने कार्रवाई कर तालेबान को सत्ता से बेदखल कर दिया. मुतवक्किल ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "मैं एक अफ़ग़ान नागरिक हूँ और मुझे एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का हक़ है. मैं अफ़ग़ानिस्तान की जनता के लिए ऐसा कर रहा हूँ." उन्होंने कहा, "तालेबान समर्थक भी अफ़ग़ान नागरिक हैं. ये अधिकार जनता को है कि वो अपनी मर्ज़ी से नेता चुने- तालेबान को या किसी अन्य को." अमरीकियों की गिरफ़्त में आने वाले एकमात्र प्रमुख तालेबान नेता मुतवक्किल ही थे. बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था. मुतवक्किल तीन साल तक अमरीकी हिरासत में थे. बाद में उन्हें काबुल में नज़रबंद रखा गया था. इससे पहले बीबीसी को एक इंटरव्यू में उन्होंने तालेबान शासन के किसी कार्यों के लिए अफ़सोस नही ज़ाहिर किया. हालांकि मुतवक्किल ने माना कि ओसामा बिन लादेन और उनके समर्थकों ने अफ़ग़ानिस्तान को मुसीबतें दीं. |
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