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बांग्लादेश नौका दुर्घटना, 37 मौतों की पुष्टि | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में अधिकारियों का कहना है कि रविवार को हुई नौका दुर्घटना के बाद चलाया गया बचाव अभियान रोक दिया गया है. अभी तक कम-से-कम 37 लोगों के मारे जाने और 25 के लापता होने की पुष्टि की गई है. लेकिन मरनेवालों की संख्या अधिक हो सकती है क्योंकि बांग्लादेश में ऐसी नौकाओं में यात्रा करनेवालों की पक्की सूची नहीं रखी जाती. ये दुर्घटना तब हुई जब क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर जा रही एक नौका ख़राब मौसम में बूरा गौरांगा नदी में डूब गई. दुर्घटना राजधानी ढाका से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण गलाचिपा नामक स्थान पर हुई. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि केवल कुछ यात्री तैरकर बच निकलने में सफल रहे या उन्हें बचाया जा सका. दुर्घटना बांग्लादेश जल परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष रियाज़ हसन खांडकर के अनुसार नौका में अधिकतम 80 यात्रियों को ले जाया जा सकता था. लेकिन बच निकले लोगों का कहना है कि नौका में 200 से भी अधिक लोग सवार थे. ऐसे ही एक यात्री अलिउल इस्लाम ने बताया,"दोपहर को अचानक ख़राब मौसम और ज्वार के कारण नौका एक ओर झुकी जिसके बाद लोग घबराकर दूसरी ओर भागे और नौका डूबनी शुरू हो गई". इस क्षेत्र में सरकारी अधिकारी मेसबाहुद्दिन ने इस बात की पुष्टि की है कि नौका में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे. लेकिन उन्होंने कहा कि वे निश्चित संख्या नहीं बता सकते क्योंकि नौका में यात्रियों की कोई सूची नहीं थी. बांग्लादेश में अक्सर नौका दुर्घटनाएँ होती हैं और सरकारी तौर पर 1977 के बाद से अब तक लगभग 3000 लोग नौका दुर्घटनाओं में मारे गए हैं. |
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