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अमरिंदर का अनुरोध, 21 क़ैदी रिहा हुए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने 21 भारतीय क़ैदियों को अपनी जेलों से बिना शर्त रिहा कर दिया है. महत्वपूर्ण है कि ऐसा भारतीय पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पाकिस्तान यात्रा के दौरान किया गया है. सभी 21 लोगों ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ वाघा चौकी पार की और भारत में प्रवेश किया. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का कहना था कि इन लोगों को तब रिहा किया गया जब उन्होंने ख़ुद पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से इस बारे में अनुरोध किया. इसके अलावा राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने 700 अन्य भारतीय क़ैदियों को भी पाकिस्तानी जेलों से रिहा करने पर सहमति जताई है. इनमें से 550 मछुआरे हैं. पश्चिमी देशों की ओर रिहा किए गए लोगों में 14 सिख, तीन हिंदू और तीन मुसलमान हैं जिनके साथ ट्रेवल एंजेंटों ने धोखाधड़ी की. ट्रेवल एजेंटों ने इन लोगों से बहुत सारे पैसे लेकर इन्हें अवैध तरीके से पश्चिमी देशों में पहुँचाने का वादा किया था. लेकिन इन्हें तुर्की में पुलिस ने पकड़ लिया और क्योंकि इनके पास कोई क़ानूनी दस्तावेज़ नहीं थे इसलिए इन्हें अपने एक पड़ोसी देश में भेज दिया, जहाँ से इन्हें आगे पाकिस्तान भेज दिया गया. इनमें से कई लोग तो दस से भी ज़्यादा साल से पाकिस्तानी जेलों में क़ैद थे. पाकिस्तान पंजाब के मुख्यमंत्री परवेज़ इलाही ने कहा कि इन क़ैदियों की रिहाई से दोनो देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा. |
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