| एनडीए रेल मंत्री का बहिष्कार करेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शनिवार को संसद में पेश किए जा रहे रेल बजट के दौरान रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के भाषण का बहिष्कार करने की घोषणा की है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का कहना था कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है कि 'दाग़ी मंत्रियों' के मामले में संसद फ़ैसला लेगी और जब तक ऐसा नहीं होता तब तक गठबंधन 'दाग़ी मंत्रियों' का बहिष्कार जारी रखेगा. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फ़ैसला किया गया. बैठक में गठबंधन के संयोजक जॉर्ज फ़र्नांडीस सहित जनता दल (यूनाइटेड), शिव सेना, बीजू जनता दल, अकाली दल और तेलुगु देशम पार्टी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में किए गए फ़ैसले के बारे में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता विजय कुमार मलहोत्रा ने बताया, "सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है कि दाग़ी मंत्रियों के बारे में संसद फ़ैसला करेगी और जब तक ऐसा नहीं हो जाता तब तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन संसद में दाग़ी मंत्रियों को मंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करेगा." यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन 'दाग़ी मंत्रियों' के बारे में सर्वोच्च न्यायालय का सहारा ले रहा है. गठबंधन ने पिछले सत्रों में भी दाग़ी मंत्रियों के बहिष्कार की रणनीति बनाई थी और पंजाब में हुई रेल दुर्घटना के बाद रेल मंत्री के सदन में नहीं होने पर विपक्ष ने विरोध भी व्यक्त किया था. साथ ही एनडीए ने कहा है कि वह गोधरा पर यूसी बैनर्जी कमेटी के साथ-साथ सिख दंगों की जाँच पर नानावटी आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा की माँग भी करेगा. एनडीए ने साथ ही कहा है कि गोवा की चुनी हुई सरकार की बर्ख़ास्तगी पर एक मार्च को स्थगन प्रस्ताव भी लाएगा और उस पर उसी दिन बहस की माँग भी करेगा. |
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