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यात्रियों के लिए कई सुविधाएँ देगा बजट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लालू प्रसाद यादव भले ही इस समय बिहार के चुनावों में व्यस्त हैं लेकिन उनका रेल मंत्रालय बजट बनाने में जुटा हुआ है. और रेल मंत्रालय इस बीच रेल यात्रियों के लिए सुविधाएँ जुटाने की जुगत में लगा हुआ है. जैसी योजना है उसके अनुसार इस बार बजट में यात्रियों को ढेर सारी नई चीज़ें मिलने की संभावना है. जिसमें रेल यात्रियों को विमान यात्रियों की तरह फ़्रिक्वेंट ट्रैवलर स्कीम में लाना, ऑनलाइन टिकट बुक करके उसे तुरंत छाप लेने की सुविधा देना और नए तरह के रेल डब्बे शामिल हैं. सुरक्षित रेल यात्रा, तेज़ रफ्तार और यात्री सुविधाओं का पूरी तरह आधुनिकीकरण करना रेल बजट 2005-06 का लक्ष्य बनाया जा रहा है. रफ़्तार की नई दिशा 63 हज़ार किलोमीटर के रेल नेवटर्क पर भारतीय रेल से हर दिन एक करोड़ 40 लाख यात्री यात्रा करते हैं. अभी भी राजधानी, शताब्दी जैसी ट्रेने भी औसतन सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार पर चलती है. इस बजट में दिल्ली-आगरा के बीच पहली शताब्दी ट्रेन 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से चलाने की घोषणा होने की संभावना है. इसके अलावा इसी गति पर दिल्ली-चेन्नई के बीच दो रेललाइन शुरू करने की तैयारी है. इस पर 4757.50 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है. सुविधाएँ रेल आरक्षण को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड करने और घर बैठे अपने कंप्यूटर पर प्रिंटर के जरिए टिकट निकालने की योजना को बड़े शहरों में शुरू किया जाना है. अभी ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा तो है लेकिन टिकट अगले दिन कूरियर से यात्री के घर पहुँचाई जाती है. जिसके लिए पचास रुपए अतिरिक्त देने होते हैं. एयरलाइनों की तरह रेलवे एक योजना बना रहा है जिसमें नियमित यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को 'प्वाइंट' मिलेंगे. एक निश्चित 'प्वाइंट' पाने के बाद उस यात्री को एक रेल टिकट मुफ्त दिया जाएगा. इस सुविधा का लाभ फ़िलहाल वातानुकूलित श्रेणी के यात्रियों को ही मिलेगा. फ़िलहाल राजधानी, शताब्दी और जनशताब्दी ट्रेनों में ऑफ़ सीज़न एसी प्रथम और द्वितीय श्रेणी का टिकट ख़रीदने पर 10 प्रतिशत छूट का प्रावधान है. इस बार यह योजना कुछ और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू की जा सकती है. आधुनिक डिब्बे बहुत समय बाद रेलवे अपने डिब्बों की डिज़ाइनों में मूलभूत परिवर्तन करने जा रहा है.
इसके लिए आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त सवारी डिब्बे बनाए जा रहे हैं. जैसा कि रेल अधिकारियों का दावा है, ये डिब्बे 160 किलोमीटर की रफ़्तार पर भी झटके नहीं खाएँगे. उन डिब्बों में ऐसे इंतज़ाम किए जा रहे हैं जिससे दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को कम से कम चोट आए. इसके अलावा इसमें डिस्चार्जेबल टॉयलेट लगाए जाएंगे, जो ट्रेन के स्टेशन व शहर से बाहर निकलने के बाद ही शौचालय को अपने आप साफ कर देगा. यह प्रक्रिया ट्रेन के एक खास गति पर पहुँचे के बाद ही होगी. सवारी डिब्बों की खिड़कियों का आकार भी बढ़ाया जा रहा है. ऐसे डिब्बों को बड़े पैमाने पर बनाने की घोषणा भी इस बजट में होने की संभावना है. पूछताछ रेलवे जल्दी ही देश भर में कॉल सेंटर स्थापित करने जा रहा है. इन कॉल सेंटरों की स्थापना के बाद पूछताछ सुविधा में सुधार की उम्मीद की जा रही है. रेलवे बोर्ड के सदस्य (दूर संचार) के अनुसार 1,3,9 के अंक पर गाँव से भी रेल आरक्षण व रेल आवागमन की सूचना लोकल कॉल दर पर प्राप्त करने की योजना लागू होने वाली है. यह योजना पटना और बंगलौर में प्रयोग के तौर पर शुरू की जा चुकी है. बुलेट ट्रेन
बुलेट ट्रेन पूर्व के कई रेल मंत्रियों का सपना रहा है लेकिन लालू प्रसाद यादव ने इस दिशा में आगे बढ़ने का मन बनाया है. प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तथा योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने पिछले नवंबर में ही इस योजना को स्वीकृति दे दी है. |
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