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गणतंत्र दिवस पर असम में हिंसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में गणतंत्र दिवस के दिन पूर्वोत्तर राज्य असम में हिंसक घटनाएं हुई है. असम में सेना ने उग्र भीड़ पर गोलियां चलाई जिसमें कम से कम दो लोगों के मरने की सूचना है. यह घटना गुवाहाटी से 45 किलोमीटर दूर सियालमाड़ी में हुई है. अधिकारियों के अनुसार सेना को कुछ चरमपंथियों के छुपे होने की जानकारी मिली थी. तलाशी के दौरान गांववालों की उग्र भीड़ ने सैनिकों पर पथराव करना शुरु कर दिया. सेना ने कार्रवाई की जिसमें दो गावंवालों की मौत हो गई. पुलिस महानिरीक्षक खगेन शर्मा ने कहा " प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार दो लोगों की मौत हुई है. सेना ने उग्र भीड़ को तितर बितर करने की कोशिश की थी. " पहले ख़बर आई थी कि आठ लोग मारे गए हैं लेकिन बाद में मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि दो लोग मारे गए हैं और सात लोग घायल हुए हैं. सेना ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है. बम विस्फोट इससे पहले असम में गणतंत्र दिवस की सुबह परेड ग्राउंड के नज़दीक हुए एक विस्फोट में चार पुलिस जवानों के घायल होने की ख़बर है. जबकि हाजो ज़िले में हुए दो और विस्फोटों को मिलाकर कुल चार विस्फोट हुए हैं. सुरक्षाकर्मियों ने इन विस्फोटों के लिए अलगाववादी गुट उल्फ़ा को दोषी ठहराया है. दूसरी ओर कड़ी सुरक्षाव्यवस्था के बीच दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड शुरु हो गई है जहाँ राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सलामी ली. विस्फोट पूर्वोत्तर राज्य असम की राजधानी गुवाहाटी के परेड ग्राउंड के पास पहला विस्फोट तब हुआ जब मुख्यमंत्री तरुण गोगोई परेड स्थल पर पहुँचकर अपना स्थान ग्रहण कर चुके थे और राज्यपाल वहाँ पहुँचने ही वाले थे. पुलिस ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहला विस्फोट बहुत शक्तिशाली था. उनका कहना है कि चूँकि यह एक पुलिया के नीचे रखा गया था इससे बहुत नुक़सान नहीं हुआ है. उन्होंने बीबीसी को बताया कि बम के टुकड़ों से चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं लेकिन परेड स्थल पर पहुच चुके मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक बड़ा हादसा टल गया है क्योंकि राज्यपाल का कारवाँ इसी पुल से गुज़रने वाला था. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ये विस्फोट अलगाववादी गुट उल्फ़ा ने किए हैं. इसके अलावा असम के हाजो ज़िले में दो और विस्फोट होने की ख़बरें हैं. पिछले तीन दिनों में असम की राजधानी गुवाहाटी में चार विस्फोट हो चुके हैं. दिल्ली में भारी सुरक्षा उधर देश की राजधानी दिल्ली में ज़बरदस्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच कड़ी सुरक्षा के बीच दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र भारत के गणतंत्र दिवस की परेड हुई.
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम सलामी ली इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दी. इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हैं भूटान नरेश वांगचुक. पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और परेड स्थल के आसपास बंदोबस्त और ज़्यादा है. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस के 600 से ज़्यादा कमांडो तैनात किए गए हैं. दिल्ली के बाहरी हिस्सों से आने वाले वाहनों की जाँच मंगलवार से ही चल रही थी और सुबह से ही परेड स्थल में बिना परमिट उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं थी. हर बार की तरह की इस बार भी कुछ अलगवाववादी गुटों ने गणतंत्र दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है. |
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