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अपहरण के विरोध में पटना के स्कूल बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार की राजधानी पटना में एक छात्र के अपहरण के विरोध में सोमवार को पटना के सभी निजी स्कूल बंद रहे और छात्रों ने इस अपहरण के विरोध में क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरु की है. पटना के दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के छात्र किसलय कोमल का 19 जनवरी को स्कूल जाते समय कुछ बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया था. तब से बच्चे के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है. पटना के पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के आव्हान पर की गई इस हड़ताल में पटना के सैकड़ों निजी स्कूल शामिल हुए. इस बच्चे के अपहरण को लेकर पहले से ही विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. यह विवाद तब और बढ़ा जब बच्चे लालू प्रसाद से मिलने हवाई अड्डा पहुँचे लेकिन वहाँ लालू प्रसाद यादव ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और चुनाव प्रचार के लिए चले गए. इस घटना को टेलीविज़न चैनलों ने प्रसारित किया था जिसमें बच्चों को रोते हुए भी दिखाया गया था. जब यह ख़बर प्रसारित हो गई तो लालू प्रसाद ने शाम को अपने साले सुभाष यादव को भेजकर बच्चों को बुलवाया और उनसे मिलकर आश्वासन दिया कि राज्य सरकार किसलय कोमल को ढूँढ़ने का हर संभव प्रयास करेगी. बहिष्कार अब पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के बहिष्कार की घोषणा की है और कहा है कि यदि 28 जनवरी तक किसलय का पता नहीं चला तो वे राजभवन के सामने प्रदर्शन करेंगे.
सहायक बिक्री कर आयुक्त के बेटे किसलय की तलाश में राज्य की पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है. पटना से बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी अब आरोप लगा रही है कि मीडिया इस मामले को ज़्यादा तूल दे रहा है. दूसरी ओर पटना के सरकारी स्कूलों की ओर से सवाल पूछे जा रहे हैं कि अपहरण का शोर इसलिए मचाया जा रहा है क्योंकि जिस बच्चे का अपहरण हुआ है वह एक संभ्रांत परिवार का बच्चा है और वह एक ऐसे स्कूल में पढ़ता था जहाँ इसी तरह के परिवार से आने वाले बच्चे पढ़ते हैं. वे पूछ रहे हैं कि यदि अपहृत बच्चा किसी सरकारी स्कूल का होता तो भी क्या लोग इसी तरह से आंदोलन करते? |
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