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गज़ा पट्टी के पास सात फ़लस्तीनी मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी गज़ा में इसराइली टैंकों के हमले में सात फलस्तीनी मारे गए हैं. मृतकों के परिवारजनों के अनुसार मारे गए सभी लोग नौजवान थे. ये सभी लोग फ़लस्तीनी चरमपंथियों और इस्राइली सैनिकों के बीच हो रही गोलाबारी में फंस कर मारे गए. इस्राइली सेना के अनुसार मारे गए सात में से छह युवक 17 वर्ष से कम आयु के थे और उनमें से कुछ हमास के सदस्य भी थे. इस घटना के बाद फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने अपने संदेश में मारे गए लोगों की शांति के लिए प्रार्थना की. संदेश में अब्बास ने कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया जैसा वो आम तौर पर नहीं करते हैं. फलस्तीनी चरमपंथी गुटों के गढ़ माने जाने वाले खान युनुस में अब्बास ने हज़ारों लोगों को संबोधित किया. अमरीका और इस्राइली नेता इस इलाक़े में शांति प्रयासों के लिए अब्बास को श्रेष्ठ नेता मानते हैं और माना जा रहा है कि रविवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में अब्बास को जीत मिलेगी. मृतक ये सातों लोग गज़ा पट्टी के पास बेत लहिया में इस्राइली गोलीबारी में मारे गए हैं. इस्राइली सेना का कहना है कि उन्होंने उन नौ नकाबपोश लोगों को रोकने के प्रयास में गोलियां चलाईं जिनके पास मोर्टार और मिसाइल लांचर थे. दूसरी ओर फ़लस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस्राइली सेना ने चरमपंथियों के भाग जाने के बाद उन लोगों पर टैंको से हमला किया जो गोलाबारी की आवाज़ सुन कर बाहर आ गए थे. |
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