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अमृतानंदमयी मठ देगा एक अरब रुपए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण भारत की आध्यात्मिक नेता माता अमृतानंदमयी ने सूनामी प्रभावित लोगों के राहत कार्य के लिए एक अरब रुपए देने की घोषणा की है. माता अमृतानंदमयी को अम्मा के नाम से जाना जाता है. उनका अमृतानंदमयी मठ राहत कार्यों में मदद करेगा. भारत में सरकारी मदद के अलावा किसी धार्मिक नेता द्वारा दी गई यह सबसे बड़ी मदद है. लोगों को गले लगाकर शांति पहुंचाने वाली अम्मा ने संवाददाताओं को बताया कि उनका मठ केरल और अन्य इलाकों में सूनामी से तबाह हुए सभी लोगों के घर बनाने की कोशिश करेगा. केरल के कोल्लम जिले में सूनामी लहरों ने प्रभाव छोड़ा है. मठ अधिकारियों के अनुसार उनके राहत प्रयास सरकारी प्रयासों में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे. अम्मा के अनुसार प्रभावित लोगों के बच्चों के लिए शिक्षा उपलब्ध कराने का काम भी किया जाएगा. अम्मा के मठ का मुख्यालय अमृतापुरी आश्रम अज़ीकल समुद्र तट पर है और इस इलाके में भी सूनामी का ख़ासा प्रभाव पड़ा है. लेकिन लहरों के पीछे हटते ही आश्रम के लोग राहत कार्य में लग गए हैं. इसे एक संयोग ही कहा जाएगा कि सूनामी लहरों से सबसे ज्यादा नुकसान मछुआरों को हुआ है और अम्मा का जन्म भी एक मछुआरे के घर में ही हुआ था. हालांकि अब वो भारत ही नहीं दुनिया भर के लिए एक आध्यात्मिक नेता है लेकिन उनका मछुआरों से अटूट संबंध बना ही रहेगा. |
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