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अंडमान निकोबार में भूकंप के झटके जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में बुधवार को भूकंप के दो और झटके महसूस किए गए. रविवार को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के पास आए भूकंप के बाद से अंडमान निकोबार में ऐसे 54 झटके महसूस किए गए हैं. इन झटकों से वैसे तो समुद्र में कोई सूनामी लहर तो पैदा नहीं हुई मगर लोग डर रहे हैं कि वहाँ फिर से समुद्री लहरें द्रीप की ओर आ सकती हैं. अभी अंडमान निकोबार द्वीप समूह में मारे जानेवालों की संख्या आधिकारिक तौर पर केवल 124 बताई गई है. मगर कार निकोबार में लगभग 4,000 लोग लापता हैं और चौरा नाम की एक दूसरी जगह से भी 800 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं है. अंडमान निकोबार के पुलिस महानिरीक्षक शमशेर देओल ने बीबीसी को बताया कि अनुमान है कि दोनों द्वीपसमूहों में हर पाँच में से एक व्यक्ति की या तो मृत्यु हो गई है या वह घायल है या उसका पता नहीं चल रहा है. अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में मौजूद बीबीसी संवाददाता गीता पांडे का कहना है कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्रियाँ पहुँचाने और उनको सुरक्षित इलाक़ों तक लाने के लिए सैनिक हेलीकॉप्टरों और जहाज़ों की सहायता ली जा रही है. अंत्येष्टि इस बीच भारतीय राज्य तमिलनाडु में रविवार के समुद्री उफान में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. सरकारी तौर पर तमिलनाडु में मारे गए लोगों की संख्या 3,600 के आस-पास बताई जा रही है. सरकारी आँकड़ों के अनुसार कुल मिलाकर भारत में 4,491 लोग मारे गए हैं. मगर माना जा रहा है कि भारत में कम-से-कम 9,000 लोग मारे गए हैं. पांडिचेरी, केरल और आंध्र प्रदेश में लगभग 650 लोग मारे गए हैं. नागपट्टनम तमिलनाडु में सबसे अधिक प्रभाव नागपट्टनम ज़िले पर पड़ा है जहाँ मंगलवार तक 2,500 लोग मारे गए थे और अभी भी शवों की तलाश का काम जारी है. नागपट्टनम में मौजूद बीबीसी संवाददाता सुनील रामन के अनुसार मारे गए लोगों की सामूहिक अंत्येष्टि की जा रही है. इसके लिए सेना के इंजीनियरिंग कोर की सहायता ली जा रही है. सुनील रामन ने बताया कि वहाँ लोगों ने तालाबों, मलबों और यहाँ तक कि पेड़ों तक से शव उतारे. संवाददाता का कहना था कि सारे इलाक़े में शवों के सड़ने की दुर्गंध फैली हुई थी और आसमान में गिद्ध मंडरा रहे थे. चिकित्सकों का कहना है कि अभी काफ़ी काम करना बाक़ी है क्योंकि पीने का पानी दूषित हो चुका है. |
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