| काबुल की जेल में संघर्ष, सात की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में क़ैदियों के जेल से भागने की कोशिश करते समय हुए संघर्ष में दो क़ैदी और पाँच सुरक्षा गार्ड मारे गए हैं. राजधानी काबुल में गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. मारे गए दोनों क़ैदी संदिग्ध अल क़ायदा चरमपंथी थे. इनमें से एक इराक़ी और दूसरा पाकिस्तानी था. पुल-ए-चरकी जेल के वॉर्डन ने बताया कि इन क़ैदियों ने उस समय एक सुरक्षा गार्ड पर हमला किया जब उन्हें शुक्रवार की नमाज़ के लिए ले जाया जा रहा था. उसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता लुत्फ़ुल्ला मशाल ने बताया, "गोलीबारी के दौरान पाँच सुरक्षा गार्ड मारे गए हैं और दो पुलिस अधिकारी लापता हैं. दो चरमपंथी मारे गए हैं और शायद इतने ही घायल हैं." घटना एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "जेल के एक सुरक्षा गार्ड को उस समय गोली मारी गई जब उन्होंने क़ैदी के पास जाने की कोशिश की. उन्हें सिर में गोली मारी गई." जेल के प्रमुख अब्दुल सलाम बख्शी ने बताया कि गोलीबारी उस समय शुरू हुई जब एक क़ैदी ने एक सुरक्षा गार्ड को चाकू मार दिया और उनकी बंदूक लेकर दो और सुरक्षा गार्डों की हत्या कर दी. दो क़ैदियों ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें सुरक्षा गार्डों ने गोली मार दी. भागे क़ैदियों को अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों ने घेर रखा है. लाउडस्पीकर पर ये घोषणा की जा रही है कि क़ैदी या तो आत्मसमर्पण कर दें या फिर मरने के लिए तैयार रहें. |
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