BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 15 दिसंबर, 2004 को 15:23 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
दाता देशों ने दी श्रीलंका को चेतावनी
कुमारतुंग
दाता देशों ने चंद्रिका कुमारतुंग से संकट निपटाने की अपील की है
श्रीलंका को सहायता देने वाले दाता देशों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है कि सत्ताधारी गठबंधन शांति प्रक्रिया की अनदेखी कर रहा है.

दाता देशों का यह बयान ऐसे समय आया है जब नॉर्वे के मध्यस्थ एक बार सरकार और एलटीटीई के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं.

पिछले साल दोनों पक्षों के बीच बातचीत रुक गई थी. इस समय नॉर्वे के दूत एरिक सोल्हेम एलटीटीई से बातचीत कर रहे हैं इसके बाद वे राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग से भी मुलाक़ात करेंगे.

दरअसल अंतरराष्ट्रीय समुदाय एलटीटीई और श्रीलंका सरकार के बीच बातचीत शुरू होने में नाकामी के कारण चिंतित है.

राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग से मुलाक़ात करने के बाद प्रमुख दाता देश जापान, यूरोपीय संघ में शामिल देशों और अमरीका ने सत्ताधारी गठबंधन में शामिल जेवीपी के ख़िलाफ़ कड़ा बयान जारी किया है.

चिंता

इन देशों ने जेवीपी के नेतृत्व में शांति प्रक्रिया के ख़िलाफ़ उठाए जा रहे क़दमों पर चिंता जताई और कहा कि गठबंधन में शामिल दल नॉर्वे की कोशिशों को भी किनारे कर रहे हैं.

News image
एलटीटीई और सरकार के बीच बातचीत पिछले साल से रुकी हुई है

मार्क्सवादी जेवीपी ने एलटीटीई के साथ बातचीत पर अड़ियल रवैया अपनाया है और नॉर्वे की मध्यस्थता का भी विरोध किया है.

चंद्रिका कुमारतुंग की गठबंधन सरकार के लिए जेवीपी का समर्थन बहुत आवश्यक है. दाता देशों का कहना है कि जेवीपी ऐसे अभियान में शामिल है जो सरकार और राष्ट्रपति के रुख़ से बिल्कुल अलग है.

हाल ही में जारी एक बयान में एलटीटीई नेता ने कहा था कि सरकार के साथ बातचीत उस समय तक असंभव है जब तक सरकार अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझा नहीं लेती.

दाता देशों ने राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग से अपील की है कि वे इस स्थिति से निपटें. दाता देशों का कड़ा बयान ऐसे वक़्त आया है जब नॉर्वे के दूत एरिक सोल्हेम दोनों पक्षों से बातचीत के लिए श्रीलंका में हैं.

दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता पिछले साल से ही रुकी हुई है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>