| मस्जिद विध्वंस की बरसी पर कड़ी सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. आंध्र प्रदेश के कई मुस्लिम संगठनों ने इस अवसर पर बंद का आयोजन किया है. हिंदू कट्टरपंथियों की एक भीड़ ने छह दिसंबर 1992 को अयोध्या की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था. इस विध्वंस के बाद देश के विभिन्न हिस्से में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में सैंकड़ो लोग मारे गए थे. अयोध्या में विवादित स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है. इसी स्थल पर सोलहवीं सदी की मस्जिद थी. हिंदुओं का मानना है कि राम जन्मभूमि की जगह पर मस्जिद बनाई गई थी. प्रशासन ने अयोध्या में पाँच से ज़्यादा लोगों के एक जगह जमा होने पर रोक लगा दी है. विश्व हिंदू परिषद और शिव सेना ने विवादित स्थल के पास रैली करने की घोषणा कर रखी है. आंध्र प्रदेश की स्थिति उधर दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के कई संगठनों ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की बारहवीं बरसी के मौक़े पर सोमवार को हड़ताल बुलाई है. पुलिस ने राजधानी हैदराबाद में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं. हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी दिनेश रेड्डी ने बीबीसी को बताया कि क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में सोमवार को कोई सभा या जुलूस की अनुमति नहीं दी गई है. पिछले साल बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मौक़े पर भड़की सांप्रदायिक हिंसा में हैदराबाद में छह लोग मारे गए थे. |
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