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लालू-पासवान के बीच आरोप प्रत्यारोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने यूपीए सरकार के दूसरे मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान पर आठ अरब के घोटाले का आरोप लगाया है. लालू प्रसाद यादव का कहना है कि ये घोटाले रामविलास पासवान के रेल मंत्री रहते हुए हुए थे. दरअसल लालू प्रसाद यादव ने रामविलास पासवान के उस आरोप के जवाब में यह आरोप लगाया है जिसमें पासवान ने कहा था कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में शामिल हैं. लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि वे पासवान के घोटाले की सारी फ़ाइलें सामने रख देंगे. इस आरोप का जवाब देते हुए पासवान ने कहा है कि आठ अरब रुपए तो दूर की बात है उनके कार्यकाल में आठ रुपयों का भी घोटाला नहीं हुआ. दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाज़ी की लड़ाई चल रही है. पहले दोनों ने एक दूसरे पर गुंडा तत्वों को प्रश्रय देने का आरोप लगाया था. राजनीतिक गतिविधियों से साफ़ दिखता है कि इस बयानबाज़ी का ताल्लुक बिहार में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा के चुनावों से है. लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान दोनों ने पिछले लोकसभा चुनाव में हाथ मिला लिए थे और दोनों ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में शामिल हुए. लेकिन दोनों के बीच मतभेद जल्द ही सामने आ गए और रामविलास पासवान की समता पार्टी नेता नीतीश कुमार से दोस्ती भी साफ़ साफ़ दिखाई दे रही है. नीतीश कुमार चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव में दोनों साथ मिलकर राष्ट्रीय जनता दल की सरकार को हटाने का प्रयास करें. बिहार के इन दो ध्रुवों के बीच जो खींचतान चल रही है उसके चलते लगता है कि केंद्र सरकार के गठबंधन की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं और एनडीए में फिर नए समीकरण बन सकते हैं. और बिहार के चुनाव ज़्यादा दिलचस्प हो सकते हैं. |
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