|
अयोध्या मुद्दे पर बातचीत की हिमायत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) ने अयोध्या विवाद का समाधान बातचीत के ज़रिए करने पर ज़ोर दिया है. दिल्ली में सोमवार को एनडीए के घटक दलों की बैठक में पारित प्रस्ताव में अयोध्या मुद्दे के जल्दी समाधान की ज़रूरत बताई गई है. गठबंधन के संयोजक जॉर्ज फ़र्नांडिस ने प्रस्ताव के बारे में संवाददाताओं को बताया, "एनडीए का मानना है कि अयोध्या विवाद के जल्दी और मान्य समाधान से राष्ट्रीय एकता को बल मिलेगा. इससे भारत सामाजिक रूप से मज़बूत बनेगा." पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आवास पर हुई बैठक में घटक दलों ने आने वाले दिनों के लिए एनडीए के एजेंडे पर विचार किया. फ़र्नांडिस ने कहा कि एनडीए की प्रासंगिता पहले जैसी ही बनी हुई है. उन्होंने कहा कि एनडीए की एकजुटता अब भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना स्वतंत्र भारत की पहली स्थायी गठबंधन सरकार के दिनों में थी. बैठक में अन्य बातों के अलावा काँची के शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के मामले की भी चर्चा हुई. फ़र्नांडिस ने पत्रकारों को बताया कि वह मंगलवार को चेन्नई रवाना हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वहाँ वह शंकराचार्य से मिलने का प्रयास करेंगे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||