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कश्मीर संबंधी ग्लोब पर लगा प्रतिबंध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की एक अदालत ने चीन में बने उन खिलौना ग्लोबों के आयात पर रोक लगा दी है जिसमें कश्मीर के विवादास्पद क्षेत्र को अलग प्रांत के तौर पर दिखाया गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच आज़ादी के बाद से कश्मीर एक विवादास्पद मुद्दा रहा है और इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दो युद्ध हो चुके हैं. चीन में बने ग्लोब कश्मीर और जम्मू के उत्तरी हिस्सों को भारत के बाकी हिस्सो से अलग रंग में दिखाते है. ये ग्लोब चीन और हांगकांग की चार फर्मों द्वारा बनाए जा रहे है. बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में कहा कि ऐसे किसी भी ग्लोब को आयात न किया जाए जिसमें भारत की ज़मीन को गलत ढंग से दिखाया गया हो. संवेदनशील मुद्दा अदालत ने कस्टम अधिकारियों की भी आलोचना की और कहा कि अधिकारियों ने पूर्व में इस संबंध में दिए गए आदेश को गंभीरता से नहीं लिया है. कश्मीर के दक्षिण का दो तिहाई हिस्सा भारतीय नियंत्रंण में हैं और भारत इस क्षेत्र को अलग राज्य दिखाए जाने को लेकर काफी संवेदनशील है. ग्लोबों के आयात का मामला एक वकील ने दायर किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ये ग्लोब दर्शाते हैं कि कश्मीर एक अलग और आज़ाद देश है. भारत और पाकिस्तान दोनों का ही कहना है कि कश्मीर उनका है. कश्मीर के कुछ हिस्सों पर चीन का भी नियंत्रण है. पूरी दुनिया न केवल इस मुद्दे पर बल्कि अन्य मुद्दो पर भी मानचित्रों को लेकर काफी संवेदनशील रहती है. |
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