|
बिहार के मंत्री बिना टिकट पकड़े गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी के नेता और बिहार के परिवहन मंत्री अवध बिहारी चौधरी और उनके सुरक्षा कर्मियों पर रेल में बिना टिकट यात्रा करने के जुर्म में जुर्माना लगाया गया है. बिना टिकट यात्रा के जुर्म में गिरफ़्तारी से बचने के लिए दोनों को लगभग 1500-1500 रुपये अदा करने पड़े जिनमें जुर्माने की राशि भी शामिल है. रेलवे के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि इस तरह की कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि अब रेलवे बिना टिकट यात्रियों से कड़ाई से निपटना चाहती है. मंत्री चौधरी ख़ुद दूसरे दर्जे के वातानुकूलित (एसी-टू टीयर) डिब्बे में यात्रा कर रहे थे जबकि उनका सुरक्षा गार्ड तीसरे दर्जे के वातानुकूलित डिब्बे में. अवध बिहारी रेल मंत्री लालूप्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य भी हैं. रेल मंत्रालय के जनसंपर्क निदेशक एमवाई सिद्दीक़ी का कहना है कि रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव एक तो बिना टिकट यात्रा को और दूसरे माल ढुलाई में कम वज़न की हेराफेरी को रोकना चाहते हैं. उनका दावा है कि पिछले तीन महीनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में बहुत कमी आई है. सिद्दीक़ी का कहना है कि बिना टिकट यात्रा के लिए जुर्माना 50 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए कर दिया गया है और यह कारगर साबित हो रहा है. भारत में रेलों से प्रतिदिन क़रीब एक करोड़ तीस लाख लोग यात्रा करते हैं और बहुत से लोग बिना टिकट भी चलते हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||