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काबुल से तीन विदेशी कर्मचारी अगवा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल से दो महिलाओं सहित तीन विदेशी चुनाव कर्मचारियों का अपहरण कर लिया गया है. एक इस्लामी गुट अल मुसलमीन ने एक अरबी टीवी नेटवर्क अल जज़ीरा को फ़ोन पर अपहरण की ज़िम्मेदारी ली है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अपहृत तीन कर्मचारियों में एक फ़िलीपिंस के, एक अल्बानिया मूल के कोसोवो नागरिक और एक आयरलैंड के हैं. काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि इन लोगों का अपरहण क्यों किया गया है, उनके चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने के कारण या फिर उनके विदेशी नागरिक होने के कारण. अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव शांतिपूर्ण तरीक़े से नौ अक्तूबर को संपन्न हो गए थे. अपहरण संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता मैनुएल डी अल्मीडा ने काबुल में समाचार एजेंसी एपी को बताया, "तीनों का अपहरण बंदूक की नोक पर किया गया. तीनों व्यक्ति काबुल में निर्वाचन आयोग के साथ अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे." उन्होंने अपहृत कर्मचारियों के नाम बताने से मना कर दिया. ये तीनों कर्मचारी संयुक्त राष्ट्र और अफ़ग़ानिस्तान सरकार की संयुक्त टीम के सदस्य थे, जिसने देश में राष्ट्रपति चुनाव करवाया था. उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) की अगुआई वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल का कहना है कि इन कर्मचारियों का अपहरण दिन-दहाड़े काबुल के उत्तर-पश्चिम के एक व्यस्त इलाक़े से किया गया. अपहरण के समय वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ एक काले रंग की लैंड क्रूज़र ने संयुक्त राष्ट्र की एक गाड़ी को रास्ते में रोक लिया. उसके बाद दो महिलाओं सहित तीन कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर गाड़ी से बाहर निकाला गया. अपहर्ता सैनिकों की पोशाक में थे और उन्होंने नक़ाब पहन रखी थी. इस घटना के बाद सभी संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों और अन्य विदेशी कर्मचारियों को अपने परिसर में ही रहने को कहा गया है. अफ़ग़ान सैनिकों के साथ काम कर रही शांति सेना काबुल में तलाशी अभियान चला रही है. |
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