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बंसीलाल की पार्टी का काँग्रेस में विलय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा विकास पार्टी का गुरुवार को कांग्रेस में औपचारिक रुप से विलय हो गया है. 1991 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण जब बंसीलाल को कांग्रेस से निकाला गया था तो उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी का गठन कर दिया था. इस विलय की घोषणा 10 अक्तूबर को कर दी गई थी लेकिन इसकी औपचारिकता गुरुवार को पूरी की गई. बंसीलाल के बेटे और हरियाणा विकास पार्टी के महासचिव सुरेंद्र सिंह ने गुरूवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की. इसके बाद पार्टी ने एक प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस में विलय कर लिया. इस औपचारिकता के बाद कांग्रेस मुख्यालय में उपस्थित नेताओं ने कहा कि यह विलय बिना शर्त हुआ है. कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "दोनों पार्टियों में कोई वैचारिक मतभेद नहीं थे और राजनीतिक मतभेद के कारण दो दल बने हुए थे." बंसीलाल के राजनीतिक भविष्य के बारे में उन्होंने कहा कि अपनी भूमिका के बारे में वह स्वयं निर्णय लेंगे. इस अवसर पर कांग्रेस के मुख्यालय में हरियाणा विकास पार्टी के कार्यकर्ताओँ की भारी भीड़ जमा थी. राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इस विलय के बाद हरियाणा में राजनीतिक समीकरणों में भारी बदलाव होने की संभावना है. |
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