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'मुसलमान चरमपंथ ठुकराएँ, संयम बरतें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुसलिम जगत से अपील की है कि वह चरमपंथ को ठुकराए. उन्होंने पश्चिमी देशों से भी अनुरोध किया है कि वे मुसलमानों के साथ अपने राजनीतिक मतभेद सुलझाएँ. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ये अपील अपनी तीन दिन की इटली यात्रा की शुरुआत में की. बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता पॉल एंडरसन का कहना है कि उनकी मुसलिम जगत से संयम बरतने की अपील अब एक जानी-पहचानी बात है. और ये अपील अब और प्रासंगिक इसलिए हो गई है क्योंकि हाल में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अमजद फ़ारूक़ी नाम के एक कथित चरमपंथी को मार गिराया है. पाकिस्तान की सरकार का आरोप है कि वे कई समुदायों के ख़िलाफ़ हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय थे और उनका अल क़ायदा से संबंध था. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि जहाँ मुसलिम जगत को चरमपंथ को ठुकराना चाहिए और पश्चिमी देशों की मदद से आर्थिक और सामाजिक विकास के रास्ते पर चलना चाहिए. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिमी जगत पर ज़्यादा बड़ी ज़िम्मेदारी है. उनका कहना था कि पश्चिमी देश उन मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करें जिनसे चरमपंथ, ग़रीबी, निरक्षरता और मुसलमानों के साथ बड़े राजनीतिक विवाद पैदा होते हैं. बीबीसी संवाददाता पॉल एंडरसन का कहना है कि अब से पहले राष्ट्रपति मुशर्रफ़ जब ये मुद्दा उठाते रहे हैं तब उनके मन में रहा है – कश्मीर, फ़लस्तीन और चेचन्या. उन्होंने अमरीका में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी ये विचार रखा था. वे इटली में प्रधानमंत्री सिल्वियो बरलुस्कोनी और पोप जॉन पॉल से मिलेंगे और संभावना है कि उनकी बातचीत में दुनिया में 'आतंकवाद' का मुद्दा छाया रहेगा. |
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